AI171 हादसे की गहराई से जांच
Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) 12 जून, 2024 को हुए Air India flight AI171 के विनाशकारी हादसे की परत-दर-परत जांच कर रहा है, जिसमें 260 कीमती जानें चली गईं। यह जटिल प्रक्रिया विमान के पुर्जों की बारीकी से जांच कर रही है और SHELL मॉडल का उपयोग कर रही है। इस मॉडल में सॉफ्टवेयर (Software), हार्डवेयर (Hardware), वातावरण (Environment) और लाइववेयर (Liveware) यानी मानव कारक (Human Factor) जैसे सभी संभावित पहलुओं का व्यवस्थित रूप से आकलन किया जाता है, ताकि निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके।
पायलट एक्शन पर जांच का फोकस?
हालिया रिपोर्टें इशारा करती हैं कि जांच अब इस ओर बढ़ रही है कि क्या यह एक जानबूझकर की गई पायलट कार्रवाई (deliberate pilot action) थी। यह जांच का नया पहलू अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद, मात्र एक सेकंड के अंतराल में, दोनों इंजनों की फ्यूल सप्लाई रोके जाने की प्रारंभिक रिपोर्टों से जुड़ा है। विमान के कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग (cockpit voice recordings) में भी इस कार्रवाई को लेकर भ्रम की स्थिति दर्शाने वाली बातचीत दर्ज होने की बात कही जा रही है।
परिवार की चिंता और सरकारी जांच की मांग
इस बीच, फ्लाइट AI171 के पायलटों में से एक, कैप्टन सुमित सभरवाल के पिता, पुष्कराज सभरवाल ने चिंता जताई है। उनका मानना है कि जांच से चुनिंदा जानकारी के लीक होने से अटकलें लगाई जा रही हैं, जो अनुचित है। उन्होंने सरकार से एक निष्पक्ष और पूर्ण जांच (formal government investigation) की मांग की है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने भी पहले दुर्घटना रिपोर्टों के चुनिंदा प्रकाशन को लेकर चिंता जताई थी, इसे दुर्भाग्यपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना बताया था।
Air India की प्रतिष्ठा और सुरक्षा
Air India, जो अब Tata Sons के स्वामित्व में है, के लिए इस जांच का नतीजा उसकी प्रतिष्ठा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अगर पायलट की गलती को मुख्य कारण पाया जाता है, तो यह पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रमों और परिचालन प्रोटोकॉल की गहन समीक्षा की आवश्यकता पर बल देगा। विमान निर्माता Boeing भी ऐसी जांचों में सहयोग करता है ताकि विमानों की सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सके। यह घटना विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और भविष्य की घटनाओं को रोकने के लिए एक सबक के तौर पर देखी जा रही है।