SpiceJet Share Price: प्लेन टकराया, फिर भी शेयर **5%** भागा! जानिए वजह

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AuthorMehul Desai | Whalesbook News Team

Overview

SpiceJet के शेयरों में आज **5%** का अपर सर्किट लगा, वो भी तब जब दिल्ली एयरपोर्ट पर कंपनी के विमान की Akasa Air के विमान से टक्कर हो गई। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब SpiceJet गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है।

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दिल्ली एयरपोर्ट पर प्लेन की टक्कर

16 अप्रैल 2026 को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा हुआ। SpiceJet का बोइंग 737-700 प्लेन जब एक खड़े हुए Akasa Air के विमान से टकराया, तो दोनों एयरक्राफ्ट को नुकसान हुआ। इस घटना से Akasa Air के पैसेंजर्स तो सुरक्षित रहे, लेकिन इसने एयरलाइन के ग्राउंड ऑपरेशन मैनेजमेंट पर सवाल खड़े कर दिए।

शेयर में आई तूफानी तेजी

हैरानी की बात यह है कि इस हादसे की खबर के बावजूद SpiceJet के शेयर रॉकेट की तरह 5% के अपर सर्किट को छू गए और ₹14.14 पर पहुंच गए। पिछले 9 ट्रेडिंग दिनों में स्टॉक में 42% का जबरदस्त उछाल देखा गया है। यह तेजी शॉर्ट-कवरिंग और वैल्यू बाइंग के कारण आई, जो दर्शाता है कि बाजार फंडामेंटल्स के बजाय मोमेंटम पर चल रहा है।

खराब फाइनेंशियल हालत

SpiceJet की आर्थिक हालत बेहद चिंताजनक है। कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो लगातार निगेटिव बना हुआ है, जो अप्रैल 2026 तक -0.91 से -6.00 के बीच रहा। ऑडिटर्स ने बार-बार यह चिंता जताई है कि क्या कंपनी आगे भी अपना काम जारी रख पाएगी, क्योंकि कंपनी पर भारी नुकसान और निगेटिव बुक वैल्यू (देनदारी संपत्ति से ज्यादा) है। एयरलाइन पर बड़ा कर्ज भी है, जिसमें $8 मिलियन (लगभग ₹70 करोड़) की यूके कोर्ट की तरफ से किराए का भुगतान न करने के लिए मिली पेनल्टी भी शामिल है।

इंडस्ट्री में तुलना और रेगुलेटरी इतिहास

SpiceJet का मौजूदा मार्केट कैप करीब ₹2,000-₹2,158 करोड़ है। वहीं, इंडस्ट्री की लीडर IndiGo (InterGlobe Aviation) का मार्केट कैप लगभग ₹1.7 ट्रिलियन है और वह 60% से ज्यादा डोमेस्टिक मार्केट पर काबिज है। SpiceJet का मार्केट शेयर मुश्किल से बढ़कर अब 4.3% हुआ है। भारतीय एविएशन सेक्टर पर नजर डालें तो ICRA का अनुमान है कि FY27 में बढ़ते फ्यूल कॉस्ट और डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट के कारण सेक्टर को ₹110-120 बिलियन का नेट लॉस हो सकता है। SpiceJet का इतिहास भी रेगुलेटरी (नियामकीय) जांच से जुड़ा रहा है। अगस्त 2024 में DGCA ने ऑपरेशनल और फाइनेंशियल दबाव के चलते कंपनी पर कड़ी निगरानी रखी थी। पिछली तकनीकी खराबी की वजह से DGCA ने कंपनी की उड़ानों पर कैप भी लगाई थी। हालिया टक्कर 3 फरवरी 2026 को मुंबई में IndiGo और Air India के बीच हुई ऐसी ही एक घटना की याद दिलाती है।

अनिश्चित भविष्य

एक्सपर्ट्स का मानना है कि SpiceJet के शेयर में आई यह तेजी सिर्फ एक मोमेंटम ट्रेड है, जिसका कंपनी के फंडामेंटल्स से कोई लेना-देना नहीं है। टेक्निकल इंडिकेटर्स भी लगातार बिकवाली का दबाव दिखा रहे हैं और यह स्टॉक हाई-रिस्क प्रोफाइल में है। भले ही भारतीय एविएशन सेक्टर में ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन SpiceJet का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। यह सब कंपनी के कर्ज चुकाने, लगातार प्रॉफिट कमाने और ऑपरेशनल विश्वसनीयता सुधारने पर निर्भर करेगा।

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