शिपरोकेट IPO अलर्ट! लॉजिस्टिक्स यूनिकॉर्न ₹2,342 करोड़ जुटाने के लिए फाइल किया – बड़ी फंडिंग!

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AuthorMehul Desai | Whalesbook News Team

Overview

गुरुग्राम स्थित लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म शिपरोकेट ने SEBI के पास अपना IPO फाइलिंग अपडेट किया है, जिसका लक्ष्य ₹2,342.3 करोड़ जुटाना है। इस ऑफर में ₹1,100 करोड़ ताज़ा शेयरों से और ₹1,242.3 करोड़ मौजूदा शेयरधारकों जैसे बर्टेल्समैन और टेमासेक से आएंगे। फंड का उपयोग प्लेटफॉर्म विकास, ऋण चुकाने और अकार्बनिक विस्तार के लिए किया जाएगा।

लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स इनेबलमेंट प्लेटफॉर्म शिपरोकेट ने स्टॉक मार्केट में अपनी शुरुआत के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास एक अद्यतन ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) दाखिल किया है।

कंपनी का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के माध्यम से ₹2,342.3 करोड़ जुटाने का लक्ष्य है। यह IPO गुरुग्राम-आधारित यूनिकॉर्न के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो सीधे उपभोक्ताओं को बेचने वाले व्यापारियों के लिए ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स को सरल बनाने का काम करता है।

IPO संरचना: कुल ₹2,342.3 करोड़ के फंड जुटाने के लक्ष्य को दो घटकों के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा। शिपरोकेट ₹1,100 करोड़ के ताज़ा शेयर जारी करने की योजना बना रही है, जिससे कंपनी के विस्तार योजनाओं में सीधे पूंजी डाली जाएगी। इसके अतिरिक्त, ₹1,242.3 करोड़ का एक ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, जिसमें मौजूदा निवेशक और शेयरधारक अपने शेयर बेचेंगे।

कंपनी ने ₹220 करोड़ तक के प्री-IPO प्लेसमेंट का भी संकेत दिया है।

वित्तीय स्थिति और धन का उपयोग: शिपरोकेट के अद्यतन DRHP के अनुसार, सितंबर 2025 को समाप्त छह महीनों में, कंपनी का घाटा कम होकर ₹38.3 करोड़ हो गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में ₹42.3 करोड़ था। राजस्व 15.4% बढ़कर ₹942.7 करोड़ हो गया है, जो पिछले वर्ष ₹817 करोड़ था। पूरे वित्तीय वर्ष 2025 के लिए, घाटा काफी घटकर ₹74.4 करोड़ रह गया है, जबकि राजस्व 24% बढ़कर ₹1,632 करोड़ हो गया है।

IPO से प्राप्त आय का उपयोग रणनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। शिपरोकेट अपने प्लेटफॉर्म के विकास और वृद्धि के लिए ₹505 करोड़ आवंटित करने का इरादा रखता है। ₹210 करोड़ का उपयोग मौजूदा ऋण चुकाने के लिए किया जाएगा (सितंबर 2025 तक कुल ऋण ₹233.8 करोड़ था)। शेष धनराशि अकार्बनिक विकास रणनीतियों और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों का समर्थन करेगी।

बाजार स्थिति और निवेशक: 2011 में निगमित, शिपरोकेट खुद को भारत के सबसे बड़े नए-युग के क्षैतिज ई-कॉमर्स इनेबलमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करता है। इसका मुकाबला यूनिकोमर ई-सोल्यूशन्स जैसी कुछ सूचीबद्ध कंपनियों से है। कंपनी ने बर्टेल्समन नीदरलैंड (21.32%), ट्राइब कैपिटल (14.14%), ज़ोमैटो पेरेंट इटरनल (6.85%), और टेमासेक होल्डिंग्स की सहायक कंपनी मैकरिची इन्वेस्टमेंट्स (5.29%) जैसे प्रमुख निवेशकों से महत्वपूर्ण समर्थन आकर्षित किया है।

IPO का प्रबंधन एक्सिस कैपिटल, बीओएफए सिक्योरिटीज इंडिया, जेएम फाइनेंशियल और कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी द्वारा किया जा रहा है।

प्रभाव: शिपरोकेट की सफल लिस्टिंग भारतीय लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स इनेबलमेंट क्षेत्र को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकती है। यह विस्तार के लिए मूल्यवान पूंजी प्रदान करेगा, जिससे शिपरोकेट अपनी बाजार स्थिति को और मजबूत कर सकेगा। यह अन्य नई-युग की कंपनियों को भी सार्वजनिक लिस्टिंग के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।

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