पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को निशाना बनाने की एक बड़ी आतंकी साजिश का भंडाफोड़ किया है। STF ने इस मामले में हकीम मंडल नाम के एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था।
पाकिस्तान से रची जा रही थी साजिश?
पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने शनिवार को बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को निशाना बनाने की एक आतंकी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। STF ने इस मामले में हकीम मंडल नामक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। STF के सूत्रों के मुताबिक, यह संदिग्ध पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था और उनसे मुख्यमंत्री के रोजमर्रा के आने-जाने की जानकारी मांग रहा था।
सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश!
STF के आईजी गौरव शर्मा ने बताया कि इस साजिश का मुख्य मकसद मुख्यमंत्री की सुरक्षा में कमजोरियों का पता लगाना था। जांच में सामने आया है कि हैंडलर्स खास तौर पर उन वक्त की जानकारी जुटा रहे थे जब सुरक्षा प्रोटोकॉल में ढील दी जाती है। यह गिरफ्तारी राज्य में महत्वपूर्ण हस्तियों की जासूसी और उन पर नजर रखने के लिए चल रहे एक बड़े ऑपरेशन का हिस्सा है।
दिल्ली में हंगामे की भी थी योजना!
जांच में यह भी पता चला है कि इस संदिग्ध को राज्य के बाहर भी अशांति फैलाने के निर्देश मिले थे। आरोप है कि हकीम मंडल को पुलिस की वर्दी खरीदने का आदेश दिया गया था, जिसका इस्तेमाल दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनों के दौरान गड़बड़ी फैलाने के लिए किया जाना था। STF इस बात की तफ्तीश कर रही है कि घरेलू प्रदर्शनों में बाहरी ताकतों का कितना हाथ था।
जांच का दायरा बढ़ा
यह पूरा मामला हावड़ा के एक वरिष्ठ मंत्री से उगाही की कोशिशों और उनके परिवार के सदस्य के अपहरण की योजना से जुड़ी एक अलग जांच से शुरू हुआ था। STF इन कम्यूनिकेशन चैनल्स की गहराई से पड़ताल कर रही है और पाकिस्तान से संचालित हो रहे कई ऑनलाइन हैंडल्स के डेटा का विश्लेषण कर रही है। STF अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या राज्य के अन्य राजनेता, सरकारी अधिकारी और प्रमुख नागरिक भी इसी तरह की निगरानी या धमकी के निशाने पर हैं। STF का कहना है कि जैसे-जैसे डिजिटल सबूतों की फोरेंसिक जांच आगे बढ़ेगी और इस क्रॉस-बॉर्डर समन्वय के बारे में और जानकारी सामने आएगी, वैसे-वैसे नए अपडेट जारी किए जाएंगे।
