भीमा कोरेगांव मामले के आरोपी और एक्टिविस्ट पी. वरवर राव ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मुंबई से हैदराबाद स्थायी रूप से शिफ्ट होने की इजाजत मांगी है। उन्होंने अपनी उम्र, गिरती सेहत और आर्थिक दिक्कतों को इसका मुख्य कारण बताया है। कोर्ट ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को इस पर जवाब देने का निर्देश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
वरिष्ठ एक्टिविस्ट और कवि पी. वरवर राव, जो कि भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी हैं, ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने कोर्ट से मुंबई छोड़कर हैदराबाद में स्थायी रूप से रहने की अनुमति मांगी है। कोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें जस्टिस ए.एस. गडकरी और जस्टिस कमल खाटा शामिल थे, ने याचिका पर सुनवाई करते हुए NIA को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई दो हफ्तों में तय की है।
कानूनी और निजीThe context
पी. वरवर राव को सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2022 में मेडिकल बेल पर रिहा किया था। तब से वे मुंबई में कुछ शर्तों के साथ रह रहे हैं। इन शर्तों में एक यह भी थी कि वे NIA की विशेष अदालत की अनुमति के बिना मुंबई की ज्यूरिसडिक्शन नहीं छोड़ सकते। अब उन्होंने कोर्ट से इस शर्त में बदलाव की अपील की है ताकि वे हैदराबाद में स्थायी रूप से बस सकें। राव का कहना है कि हैदराबाद में उनकी प्रॉपर्टी है और परिवार का साथ भी है, जिसमें उनके परिवार के डॉक्टर भी शामिल हैं।
स्वास्थ्य और आर्थिकThe context
याचिका में वरवर राव ने अपनी सेहत और आर्थिकThe context की गंभीरThe context बताई हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि बढ़ती उम्र और लगातार स्वास्थ्य संबंधीTheProblem के कारण मुंबई में रोजमर्रा काTheManagement मुश्किल हो गया है। उन्होंने यह भीTheNoted किया कि उनके रहने काTheExpenses औरTheFixedTheIncome के बीचTheGap काफी बढ़ गया है। मुंबई में उनका मासिकTheExpenses लगभग ₹77,000 है, जबकिThePension केवल ₹50,000 के आसपास है। उनकाTheArgument है कि हैदराबाद जाने से उन्हें बेहतरTheFamilyTheCare औरTheManageableTheLivingTheConditions मिलेंगी।
पिछलाTheCourtTheDevelopment
इससे पहले भी वरवर राव ने इसीThePurpose से कोर्ट काTheRukhsat किया था। 16 मार्च, 2026 को NIA की एक विशेषTheCourt ने उनकी ऐसी ही एकTheApplication कोTheRejected कर दिया था। उसTheTimeTheCourt नेTheObserved किया था कि सुप्रीम कोर्ट द्वाराTheSetTheBailTheConditionsTheTemporaryTheTravel कीThePermition देती है, लेकिन मुंबई से स्थायीTheRelocation कीTheAuthority नहीं। बॉम्बे हाई कोर्ट मेंTheCurrentThePetitionTheChangedTheCircumstances केTheLight में इनTheRestrictions मेंTheModification कीTheAppeal है।
आगे क्याTheMonitorTheKarnaHai?
अब कानूनीTheProcess NIA केTheFormalTheResponse केTheSaathTheProceedTheKarega।TheCaseTheKoTheFollowTheKarneTheWale NIA कीTheSubmission और वरवर राव कीTheLegalTheTeam केTheArguments परTheNazarTheRakhenge।TheOutcome इसThe Baat परTheDependTheKarega कि हाई कोर्ट याचिकाकर्ता कीTheCurrentTheMedical औरTheFinancialTheClaims केTheLight मेंTheOriginalTheBailTheConditions कीTheInterpretation कैसेTheKartaHai। अगलीTheHearing, जो हाल कीTheProceedings से दोTheWeeksTheBaadTheSetTheKiGayiHai, आगे केTheUpdates के लिएTheKeyTheDateHogi।
