Urja Global: Q3 में 40% डूबा मुनाफा, ऑडिटर की रिपोर्ट में कंपनी गवर्नेंस पर गंभीर सवाल!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Urja Global: Q3 में 40% डूबा मुनाफा, ऑडिटर की रिपोर्ट में कंपनी गवर्नेंस पर गंभीर सवाल!
Overview

Urja Global ने दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर **40.55%** की भारी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी का मुनाफा घटकर **₹24.67 करोड़** रह गया। नतीजों के साथ ही, ऑडिटर की रिपोर्ट में कंपनी के गवर्नेंस और डॉक्यूमेंटेशन को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गई हैं।

Urja Global Limited ने Q3 FY26 के लिए अपने अन-ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजे जारी किए हैं। इन नतीजों के मुताबिक, कंपनी के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 40.55% की बड़ी गिरावट आई है। यह मुनाफा घटकर ₹24.67 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल समान अवधि में यह ₹41.50 करोड़ था। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में भी 25.06% की गिरावट देखी गई, जो ₹1161.42 करोड़ रहा (Q3 FY25: ₹1549.76 करोड़)।

Earnings Per Share (EPS) भी घटकर ₹0.005 रह गया, जो पिछले साल ₹0.009 था। हालांकि, पहले नौ महीनों (9 Months Ended Dec 31, 2025) के नतीजों में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹4912.33 करोड़ (1.55% YoY डाउन) और नेट प्रॉफिट में मामूली 1.37% की बढ़ोतरी के साथ ₹115.30 करोड़ (EPS ₹0.022) दर्ज किया गया।

🔍 ऑडिटर की रिपोर्ट ने खोली 'पोल'

जहां एक तरफ वित्तीय नतीजे चिंताजनक हैं, वहीं कंपनी के ऑडिटर की लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो कंपनी के गवर्नेंस और पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लगाते हैं:

  • डॉक्यूमेंटेशन का अभाव: ऑडिटर ने पाया कि कंपनी के माइन प्रोजेक्ट्स में किए गए निवेश और दिए गए लोन व एडवांसेज के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्री एविडेंस (कागजात) मौजूद नहीं हैं। ₹46.35 करोड़ के माइन प्रोजेक्ट्स वाले कैपिटल वर्क-IN-प्रोग्रेस के लिए रिकवरी की निश्चितता अनिश्चित है, क्योंकि कागजात गायब हैं। यह आंशिक रूप से 2021 में हुए GST रेड का नतीजा बताया गया है।
  • GST कंप्लायंस में दिक्कतें: कंपनी ने संडी क्रेडिटर्स (Sundry Creditors) को बकाया राशि का भुगतान न होने के चलते ₹34.24 करोड़ के GST इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) रिवर्सल नहीं किए। यह टैक्स नियमों के उल्लंघन का संकेत देता है।
  • प्रमोटर लोन और ब्याज: प्रमोटर कंपनी से लिए गए लोन पर ₹24.02 करोड़ का ब्याज जमा (Accrue) नहीं किया गया। इसके अलावा, कंपनी द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण लोन और एडवांसेज भी जांच के दायरे में हैं।
  • देनदार (Debtors) और प्राप्य (Receivables): संडी डेटर्स (₹1.50 करोड़) और ट्रेड रिसीवेबल्स (₹70.59 करोड़) पर भी सवाल हैं। इनमें से ₹67.15 करोड़ से अधिक 180 दिन पुराने हैं। पार्टी या इनवॉइस-वाइज डिटेल्स की कमी के कारण इनकी रिकवरी पर अनिश्चितता बनी हुई है।
  • लंबित देनदारियां (Pending Liabilities): ₹34.25 करोड़ की देनदारियां दो साल से अधिक समय से लंबित हैं और उनका समाधान नहीं हुआ है।

🚩 कानूनी और नियामक जोखिम (Regulatory & Legal Risks)

कंपनी को कई मोर्चों पर कानूनी और नियामक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है:

  • SEBI का जुर्माना: SEBI ने डिस्क्लोजर नॉर्म्स का पालन न करने पर Urja Global और संबंधित एंटिटीज पर ₹90 लाख का जुर्माना लगाया था, हालांकि कंपनी ने इसके खिलाफ अपील की है।
  • GST और DGGI के नोटिस: GST और DGGI विभागों से ₹100 करोड़ से अधिक के विवाद चल रहे हैं, जो ITC डिसअलाउंस और एक्सेस ITC यूटिलाइजेशन जैसे मुद्दों से जुड़े हैं। कंपनी इन पर भी अपील कर रही है।
  • टैक्स देनदारियां: इनकम टैक्स की ₹6.23 करोड़ और TDS की ₹5.38 लाख की देनदारियां भी बकाया हैं।

आगे का रास्ता कंपनी की क्षमता पर निर्भर करेगा कि वह ऑडिटर द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण गवर्नेंस और कंप्लायंस के मुद्दों को कितनी जल्दी ठीक करती है और कानूनी व नियामक चुनौतियों से कैसे निपटती है। इन मुद्दों को हल करने में विफलता वित्तीय स्थिति को और खराब कर सकती है और निवेशकों का भरोसा कम कर सकती है।

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