अमेरिका में बसे लाखों लॉन्ग-टर्म रेजिडेंट्स, खासकर भारतीय H-1B वीज़ा प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ी उम्मीद जगी है। सीनेटर Alex Padilla ने एक नया बिल पेश किया है जो इन लोगों को ग्रीन कार्ड (स्थायी निवास) का रास्ता दे सकता है। इस बिल का मकसद उन लोगों को राहत देना है जो सालों से अमेरिका में रह रहे हैं और ग्रीन कार्ड के लिए लंबी कतारों में फंसे हुए हैं।
Detailed Coverage
ग्रीन कार्ड के इंतज़ार पर लगेगी लगाम?
सीनेटर Alex Padilla ने 'Renewing Immigration Provisions of the Immigration Act of 1929' नाम का एक नया बिल अमेरिकी संसद में पेश किया है। यह बिल उन लाखों लोगों के लिए स्थायी निवास (Permanent Residency) का रास्ता खोलेगा जो लंबे समय से अमेरिका में रह रहे हैं। मौजूदा नियम के तहत, लोगों को 1 जनवरी, 1972 से अमेरिका में रहने का सबूत देना होता था, जो कि अब पुराना पड़ चुका है। यह नया प्रस्ताव इस तारीख को बदलकर 'रोलिंग एलिजिबिलिटी डेट' यानी 7 साल की निवास अवधि की शर्त पर आधारित करेगा। इससे ग्रीन कार्ड अप्लाई करना आसान हो जाएगा।
भारतीय टेक प्रोफेशनल्स को बड़ी राहत
अमेरिका में काम करने वाले भारतीय आईटी और साइंस प्रोफेशनल्स के लिए यह खबर बेहद अहम है। अमेरिका के एम्प्लॉयमेंट-बेस्ड इमिग्रेशन सिस्टम में हर देश के लिए ग्रीन कार्ड की एक सीमा (7%) तय है। भारतीय आवेदकों की भारी मांग के कारण, यह कोटा हमेशा भर जाता है, जिससे दशकों लंबा बैकलॉग (लंबी कतार) बन गया है। अनुमान है कि भारत के लोग ही एम्प्लॉयमेंट-बेस्ड ग्रीन कार्ड के लगभग 80% पेंडिंग एप्लीकेशन्स में शामिल हैं।
पुराने इमिग्रेशन लॉ में सुधार
'Registry' प्रोविज़न, जो इमिग्रेशन लॉ का एक हिस्सा है, अब तक बहुत कम इस्तेमाल होता था क्योंकि इसके लिए 1972 से लगातार अमेरिका में रहने का सबूत चाहिए था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2015 से 2019 के बीच केवल 305 लोग ही इस नियम के तहत अपना स्टेटस बदल पाए। नए बिल से 7 साल की निवास अवधि की शर्त लागू होने पर यह नियम असल में काम का बन जाएगा और इसे बार-बार कांग्रेस के दखल की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
क्या है बिल के फायदे और चुनौतियाँ?
इस बिल से करीब 80 लाख लोगों को फायदा हो सकता है, जिनमें 'ड्रीमर्स', ज़रूरी सेवाओं में लगे कर्मचारी और लंबे समय से वीज़ा पर रह रहे लोगों के परिवार भी शामिल हैं। हालांकि, यह सिर्फ एक प्रस्ताव है और इसे अमेरिकी कांग्रेस से पास होना बाकी है। इमिग्रेशन सुधार की पिछली कोशिशें अक्सर राजनीतिक बहसों और गतिरोध का शिकार हुई हैं। इसलिए, इस बिल की प्रगति पर नज़र रखना ज़रूरी होगा। द्विदलीय समर्थन (Bipartisan Support) ही इसकी सफलता की कुंजी होगी, जो हाल के वर्षों में इमिग्रेशन सुधारों के लिए सबसे बड़ी बाधा रहा है।
