अयोध्या मंदिर दान घोटाला: UP सरकार SC को सौंपेगी 3 IPS अधिकारियों की स्पेशल टीम

LAWCOURT
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
अयोध्या मंदिर दान घोटाला: UP सरकार SC को सौंपेगी 3 IPS अधिकारियों की स्पेशल टीम

उत्तर प्रदेश सरकार सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक नई तीन-सदस्यीय टीम पेश करेगी। यह स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान के दुरुपयोग और चोरी के आरोपों की जांच करेगी। कोर्ट ने मामले की सीधी और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए यह बदलाव करने का निर्देश दिया है।

Detailed Coverage

मंदिर में दान के दुरुपयोग का मामला

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को यूपी सरकार एक नए प्रस्ताव के तहत श्री राम जन्मभूमि मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए एक नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के गठन की जानकारी देगी। राज्य सरकार इस जांच का नेतृत्व करने के लिए तीन वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों का एक पैनल नियुक्त करने की योजना बना रही है। इस प्रस्तावित टीम में लखनऊ रेंज के इंस्पेक्टर जनरल, किरण एस, जो इस यूनिट का नेतृत्व करने की उम्मीद है, उनके साथ अयोध्या रेंज के उप महानिरीक्षक, सोमने वर्मा, और अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, गौरव ग्रोवर भी शामिल होंगे।

सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद एक्शन

यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद उठाया जा रहा है, जिसने पिछली निगरानी व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त किया था। कोर्ट ने पाया था कि सिविल सेवाओं के अधिकारियों की देखरेख में चल रही मौजूदा व्यवस्था सीधी और गहन जांच सुनिश्चित करने में प्रभावी नहीं थी। इससे पहले, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बेंच को सूचित किया था कि स्थानीय पुलिस पिछली SIT की निगरानी में जांच कर रही थी। इसके जवाब में, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने एक ऐसी टीम की आवश्यकता पर जोर दिया था जो सीधे पुलिस के नेतृत्व में जांच करे।

क्या हैं आरोप?

इन आरोपों में मंदिर के फैसिलिटेशन सेंटर में भक्तों द्वारा दान किए गए धन का गबन और दुरुपयोग शामिल है। अधिकारियों ने पहले ही मामले में कार्रवाई की है, और प्रारंभिक पुलिस शिकायत में नामित सभी आठों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन व्यक्तियों पर भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात सहित आरोप लगाए गए हैं। कोर्ट द्वारा अनिवार्य इस नई टीम का गठन चल रही कानूनी प्रक्रिया में अधिक जवाबदेही और तेजी लाने का इरादा रखता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.