ट्रस्ट बोर्ड में बढ़ा विवाद
Tata Education and Development Trust (TEDT) के बोर्ड में Venu Srinivasan और Vijay Singh की पुनः नियुक्ति एक बड़ी चुनौती के सामने खड़ी हो गई है। पूर्व ट्रस्टी Mehli Mistry ने इस पर कड़ा एतराज जताया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दूसरे ट्रस्टी J.N. Mistry का भी उन्हें साथ मिला है। ये आपत्तियां गवर्नेंस (Governance) की खामियों को लेकर हैं, जिससे टाटा ग्रुप के चैरिटेबल (Charitable) विंग में भविष्य की लीडरशिप पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सामने आए आरोप
महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर (Maharashtra Charity Commissioner) के पास की गई शिकायतों से यह विवाद सामने आया है। आरोप है कि Vijay Singh ने ट्रस्ट एक्ट (Trust Act) का उल्लंघन करते हुए Tata Sons से कमीशन स्वीकार किया। Venu Srinivasan पर आरोप है कि उन्होंने Tata Sons बोर्ड में अपने पद का फायदा उठाकर TVS की सब्सिडियरी Norton Motorcycles के लिए Jaguar Land Rover से बिना किसी भुगतान के डिजाइन का काम लिया। Srinivasan और Mistry, दोनों ने ही इन आरोपों पर अभी कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
Tata Sons पर असर
यह अंदरूनी कलह ऐसे अहम मोड़ पर आई है जब टाटा ट्रस्ट्स बोर्ड की 8 और 12 मई को अहम बैठकें होने वाली हैं। इन बैठकों में Tata Sons के कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर (Corporate Structure), संभावित डीलिस्टिंग (Delisting) और बोर्ड कंपोजीशन (Board Composition) जैसे बड़े फैसले लिए जाने हैं। एक अहम चर्चा यह भी है कि Venu Srinivasan की जगह Bhaskar Bhat को Tata Sons बोर्ड में नॉमिनी डायरेक्टर (Nominee Director) के तौर पर लाया जा सकता है। ट्रस्टियों के इस विवाद का असर ग्रुप की स्ट्रैटेजिक डायरेक्शन (Strategic Direction) और चेयरमैन N. Chandrasekaran के नेतृत्व में अहम फैसले लेने की क्षमता पर पड़ सकता है।
बढ़ता अलगाव
फिलहाल का यह मतभेद ट्रस्टियों के बीच एक बड़े अलगाव का संकेत देता है, जो कथित तौर पर Ratan Tata के अक्टूबर 2024 में निधन के बाद शुरू हुआ था। यह लगातार बनी हुई असहमति भारत के सबसे प्रमुख समूहों में से एक के गवर्नेंस और भविष्य की दिशा को प्रभावित कर सकती है।
