चैरिटी कमिश्नर ने बोर्ड मीटिंग्स पर बैन का दायरा घटाया
महाराष्ट्र के चैरिटी कमिश्नर, अमोघ कलौती ने सोमवार को स्पष्ट किया कि पिछले हफ्ते जारी किया गया 'बोर्ड मीटिंग्स पर रोक' वाला आदेश गलती से 'टाटा ट्रस्ट्स' के नाम पर जारी हो गया था, जबकि यह विशेष रूप से सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) पर लागू होना चाहिए था। यह स्पष्टीकरण टाटा ट्रस्ट्स द्वारा इस आदेश के निहितार्थों पर विस्तृत जानकारी मांगने के बाद आया।
कमिश्नर अमोघ कलौती ने बताया कि शुरुआती आदेश में गलती से 'टाटा ट्रस्ट्स' शब्द का इस्तेमाल किया गया था, जबकि शिकायतें केवल SRTT के आंतरिक शासन (internal governance) पर केंद्रित थीं, जिन्हें वकील कात्यायनी अग्रवाल और ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन ने दर्ज कराया था। इस सुधार के साथ, टाटा समूह के बाकी एक दर्जन से अधिक ट्रस्टों को अब अपने सामान्य कामकाज, जैसे बोर्ड मीटिंग्स आयोजित करना और सामाजिक परियोजनाओं के लिए फंड जारी करना, फिर से शुरू करने की अनुमति मिल गई है।
सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) में अनुपालन (Compliance) के मुद्दे
मूल आदेश उन आरोपों के कारण जारी किया गया था कि SRTT के बोर्ड में परपेचुअल ट्रस्टियों की संख्या 50% तक पहुंच गई थी। यह संख्या महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट्स एक्ट में हाल ही में हुए संशोधनों द्वारा निर्धारित 25% की कैप से कहीं ज़्यादा है, जो सितंबर 2025 से प्रभावी हुए हैं। टाटा ट्रस्ट्स का तर्क है कि ये संशोधन भविष्यव्यापी (prospective) हैं और मौजूदा नियुक्तियों पर लागू नहीं होने चाहिए। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अमेंडमेंट के प्रभावी होने की तारीख से ही SRTT के बोर्ड की संरचना नियमों के अनुरूप नहीं थी और इसमें सुधार की आवश्यकता है।
टाटा सन्स (Tata Sons) में डायरेक्टर्स की स्थिति पर बनी रहेगी अनिश्चितता
दूसरी ओर, टाटा सन्स के बोर्ड में नॉमिनी डायरेक्टर्स की समीक्षा फिलहाल रुकी रह सकती है। वेणु श्रीनिवासन, जो मूल शिकायतकर्ताओं में से एक हैं और SRTT व सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) दोनों के ट्रस्टी हैं, टाटा सन्स के बोर्ड में एक नॉमिनी डायरेक्टर के तौर पर कार्यरत हैं। उनकी स्थिति और अन्य नॉमिनी डायरेक्टर्स का भविष्य, कमिश्नर की SRTT की कंप्लायंस (compliance) संबंधी चल रही जांच के नतीजों पर निर्भर करेगा। चूंकि टाटा ट्रस्ट्स का टाटा सन्स में नियंत्रणकारी हिस्सा (controlling stake) है, इसलिए नॉमिनी प्रतिनिधित्व को लेकर लिए जाने वाले निर्णय महत्वपूर्ण बने रहेंगे और आपस में जुड़े हुए हैं।