अदालत की चिंता: क्या हुआ?
सुप्रीम कोर्ट में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक याचिकाकर्ता के पिता पर अदालत के एक आदेश को प्रभावित करने के लिए बाहरी दबाव बनाने का आरोप है। सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने खुद यह बात बताई कि याचिकाकर्ता के पिता, निखिल कुमार पुनिया ने कथित तौर पर सीजेआई के भाई से संपर्क साधा था।
यह पूरा मामला बौद्ध धर्म में परिवर्तित होने के बाद अल्पसंख्यक आरक्षण का दर्जा मांगने से जुड़ी एक याचिका से जुड़ा है। कोर्ट की बेंच ने पहले भी इस तरह की याचिकाओं को 'नए किस्म का धोखा' करार देते हुए कड़ी आपत्ति जताई थी।
अब अदालत इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि याचिकाकर्ता के पिता द्वारा कथित तौर पर की गई इस बाहरी हस्तक्षेप की कोशिश के लिए उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना (criminal contempt) की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। पीठ ने जोर देकर कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता को बनाए रखना सर्वोपरि है।
इस मामले में आगे की सुनवाई अगले हफ्ते होनी है। सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के मुख्य सचिव को अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में जारी दिशानिर्देशों के अनुपालन पर एक रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। अदालत ने चेतावनी दी है कि आदेश का पालन न करने की स्थिति में मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होना पड़ सकता है।