Air India Crash Probe: सुप्रीम कोर्ट ने AAIB रिपोर्ट का इंतजार किया, जांच पर उठे सवाल

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AuthorAditya Rao|Published at:
Air India Crash Probe: सुप्रीम कोर्ट ने AAIB रिपोर्ट का इंतजार किया, जांच पर उठे सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने एयर इंडिया की फ्लाइट 171 क्रैश की सुनवाई फिलहाल टाल दी है। कोर्ट एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जो अक्टूबर में आनी है। इस जांच पर DGCA सदस्यों के हितों के टकराव और विमान के एवियोनिक्स सिस्टम को लेकर तकनीकी सवाल उठ रहे हैं।

Detailed Coverage

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: रिपोर्ट का इंतजार

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने एयर इंडिया की फ्लाइट 171 के क्रैश मामले की सुनवाई फिलहाल टाल दी है। कोर्ट अब एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार करेगा। यह रिपोर्ट अक्टूबर महीने में आने की उम्मीद है। कोर्ट ने कहा कि मामले की आगे की दिशा AAIB की रिपोर्ट पर ही निर्भर करेगी।

तकनीकी खामियां और सिस्टम की गड़बड़ियां

कानूनी कार्यवाही में विमान के प्रदर्शन से जुड़े तकनीकी पहलू सामने आए हैं। पीड़ितों के परिवारों के वकीलों ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में जमा करने का अनुरोध किया है। इस जांच का मुख्य बिंदु रैम एयर टर्बाइन (RAT) नामक आपातकालीन पावर सिस्टम का प्रदर्शन है। आरोप लगाया गया है कि टेक-ऑफ के दौरान RAT समय से पहले एक्टिवेट हो गया होगा। यह शुरुआती निष्कर्षों के विपरीत है और इस बात की गहन जांच शुरू हो गई है कि क्या एवियोनिक्स और फ्लाइट कंट्रोल के लिए इंटीग्रेटेड यूनिट के रूप में काम करने वाले कॉमन कोर सिस्टम में कोई खराबी थी।

जांच की निष्ठा पर सवाल

सुप्रीम कोर्ट में एक बड़ा विवाद जांच टीम की संरचना को लेकर है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि हितों का टकराव है, क्योंकि AAIB टीम के पांच सदस्यों में से तीन वर्तमान में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के अधिकारी हैं। कोर्ट में पेश दलील यह है कि यह ओवरलैप AAIB के अपने परिचालन दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर सकता है। इसके जवाब में, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा प्रतिनिधित्व की गई सरकार ने कहा है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह से की जा रही है और वैश्विक विनिर्माण मानकों को संबोधित करने के लिए इसमें अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी शामिल हैं। सरकार ने संकेत दिया कि जांच में लगने वाला समय वैश्विक निर्माताओं के साथ व्यक्तिगत विमान घटकों की जांच की जटिल प्रक्रिया का परिणाम है।

आगे के कदम

कोर्ट ने AAIB को निर्देश दिया है कि वह जांच के अंतिम चरणों के दौरान पायलटों के महासंघ के साथ मिलकर काम करे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी प्रासंगिक तकनीकी साक्ष्य शामिल किए गए हैं। जैसे-जैसे रिपोर्ट के लिए अक्टूबर की समय सीमा नजदीक आ रही है, एविएशन सेक्टर में निवेशक और हितधारक अंतिम नतीजे पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उद्योग के लिए मुख्य बात यह है कि क्या जांच में विमान के एवियोनिक्स में सिस्टमैटिक फॉल्ट पाए जाते हैं या क्रैश को अन्य परिचालन कारणों से जोड़ा जाता है। AAIB के निष्कर्ष इस बात को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण होंगे कि DGCA को आगे चलकर कोई नियामक परिवर्तन या अनिवार्य फ्लीट सुरक्षा निरीक्षण की आवश्यकता है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.