SpiceJet Share Price: सुप्रीम कोर्ट से एयरलाइन को बड़ा झटका! कलानिधि मारन मामले में ₹144.5 करोड़ जमा कराने का आदेश, शेयर पर दबाव

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
SpiceJet Share Price: सुप्रीम कोर्ट से एयरलाइन को बड़ा झटका! कलानिधि मारन मामले में ₹144.5 करोड़ जमा कराने का आदेश, शेयर पर दबाव
Overview

SpiceJet के लिए सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ा झटका आया है। कोर्ट ने एयरलाइन की वह याचिका खारिज कर दी है जिसके ज़रिए वह कलानिधि मारन के साथ आर्बिट्रेशन मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के **₹144.5 करोड़** जमा कराने के आदेश को पलटना चाहती थी। कोर्ट ने चेयरमैन अजय सिंह पर **₹1 लाख** का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला एयरलाइन की गहराती वित्तीय मुश्किलों को एक बार फिर सामने लाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने SpiceJet की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसके तहत एयरलाइन कंपनी कलानिधि मारन और KAL Airways के साथ चल रहे आर्बिट्रेशन विवाद में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दिए गए ₹144.5 करोड़ की राशि जमा कराने के आदेश को चुनौती दे रही थी। कोर्ट ने एयरलाइन के चेयरमैन अजय सिंह पर ₹1 लाख का अतिरिक्त हर्जाना भी लगाया है। शुक्रवार को सुनाए गए इस फैसले से SpiceJet पर वित्तीय दबाव और बढ़ गया है, जो पहले से ही लगातार कानूनी लड़ाईयों और ऑपरेशनल चुनौतियों से जूझ रही है।

दरअसल, यह मामला 2018 के आर्बिट्रेशन अवार्ड से जुड़ा है, जिसके तहत SpiceJet पर ब्याज की बकाया राशि का भुगतान किया जाना था। दिल्ली हाई कोर्ट ने इसी राशि के भुगतान का आदेश दिया था, जिसे SpiceJet ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला इस कानूनी लड़ाई में कलानिधि मारन के पक्ष को मजबूत करता है और SpiceJet को जल्द से जल्द यह बड़ी रकम जमा करानी होगी।

SpiceJet की वित्तीय हालत पर एक नजर:

SpiceJet की मौजूदा मार्केट कैप लगभग ₹2,400-2,570 करोड़ के आसपास है, लेकिन कंपनी पर ₹885.99 करोड़ का भारी डेट (कर्ज) है। मार्च 2025 तक शेयरधारकों की इक्विटी लगभग ₹-1,942.37 करोड़ थी, जो कि गंभीर नकारात्मक बुक वैल्यू को दर्शाता है। जहां मार्केट लीडर IndiGo भारी प्रॉफिट (मुनाफा) कमा रही है, वहीं SpiceJet एक लो-कॉस्ट कैरियर के तौर पर लगातार घाटे में चल रही है और इसका P/E रेशियो भी नेगेटिव है।

हालांकि, हालिया क्षमता विस्तार के दम पर SpiceJet ने दिसंबर 2025 तक डोमेस्टिक मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 4.3% कर ली है। लेकिन, यह ऑपरेशनल बढ़त कंपनी की वित्तीय परेशानियों को दूर करने में काफी नहीं है। भारतीय एविएशन सेक्टर में जारी मंदी, पुरानी भू-राजनीतिक अस्थिरता, और पिछले साल हुई एक विमान दुर्घटना ने माहौल को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

आगे की राह मुश्किल:

SpiceJet के लिए आगे की राह बेहद मुश्किल नजर आ रही है। कंपनी लगातार नुकसान झेल रही है और लिक्विडिटी (तरलता) की कमी से जूझ रही है। लीज पर लिए गए विमानों का किराया देने और देनदारियों को निपटाने के लिए इक्विटी अलॉटमेंट जैसे तरीके अपनाए जा रहे हैं। चेयरमैन अजय सिंह के वित्तीय प्रबंधन पर भी सवाल उठे हैं, खासकर तब जब कंपनी इतनी बड़ी वित्तीय तंगी से गुजर रही हो। हाल ही में ₹32 करोड़ के ब्याज-मुक्त एडवांस को लेकर भी विवाद हुआ था।

ऑपरेशनल फ्रंट पर भी एयरलाइन पिछड़ रही है। दिसंबर 2025 में इसकी ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (समय पर उड़ान) गिरकर 46.9% तक पहुंच गई थी, जो प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों से काफी पीछे है। इन सब के बीच, कोर्ट द्वारा ₹144.5 करोड़ जमा कराने का आदेश SpiceJet की वित्तीय स्थिति को और कमजोर कर सकता है।

एनालिस्ट्स की राय:

कुल मिलाकर, एनालिस्ट्स (विश्लेषकों) का SpiceJet पर रुख ज्यादातर 'Sell' (बेचें) का बना हुआ है। हालांकि कुछ टारगेट प्राइस 19.05 रुपये से 21 रुपये तक की तेजी का अनुमान लगा रहे हैं, वहीं एक 1-वर्षीय पूर्वानुमान 38.54 रुपये तक का है। लेकिन, कंपनी के फंडामेंटल (बुनियादी) जोखिमों, चल रहे कानूनी मामलों और भारतीय एविएशन सेक्टर के मिले-जुले आउटलुक को देखते हुए SpiceJet का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।

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