हाई कोर्ट के फैसले से टला बड़ा खतरा
बॉम्बे हाई कोर्ट ने Shemaroo Entertainment के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कंपनी के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर के खिलाफ जारी किए गए शो कॉज नोटिस और ओरिजिनल ऑर्डर को रद्द कर दिया है। कंपनी ने कन्फर्म किया है कि इस फैसले का कोई खास वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा।
क्या थी टैक्स डिपार्टमेंट की मांग?
मामला गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) जांच से जुड़ा था, जिसमें कंपनी पर अमान्य इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने और अन्य टैक्स मांगों का आरोप था। हाई कोर्ट ने अधिकारियों पर लगाए जाने वाले ₹133.61 करोड़ के जुर्माने को भी खारिज कर दिया है। साथ ही, ₹70.26 करोड़ के अमान्य इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की मांग और ₹63.35 करोड़ के अन्य जुर्माने को भी रद्द कर दिया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
इस फैसले से कंपनी के वरिष्ठ मैनेजमेंट पर लगा एक बड़ा संभावित वित्तीय और छवि संबंधी दबाव हट गया है। यह टैक्स अधिकारियों के दावों के खिलाफ कंपनी के रुख को मजबूत करता है। निवेशकों के लिए, यह नेतृत्व टीम की स्थिरता का संकेत देता है। कंपनी का कहना है कि इस मामले का 'कोई खास वित्तीय प्रभाव' नहीं है, जिसका मतलब हो सकता है कि यह राशि पहले से ही प्रोविजन (Provision) में थी या संभावित जुर्माना पूरी तरह से लागू नहीं होने वाला था।