Boris Nadezhdin पर चुनाव लड़ने पर बैन: रूस में राजनीतिक विरोधियों पर शिकंजा कसा

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AuthorAditya Rao|Published at:
Boris Nadezhdin पर चुनाव लड़ने पर बैन: रूस में राजनीतिक विरोधियों पर शिकंजा कसा

रूसी विपक्षी नेता बोरिस नादेज़्दिन को आगामी संसदीय चुनावों से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। उन पर 'चरमपंथी' (extremist) प्रतीकों को प्रदर्शित करने का दोषी पाए जाने के बाद यह फैसला आया है। यह न्यायिक निर्णय यूक्रेन संघर्ष के एक मुखर आलोचक को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने के सरकारी कदम का एक बड़ा विस्तार है।

'चरमपंथी' प्रतीक मामले में सज़ा

डोलगोप्रूडनी (Dolgoprudny) की एक अदालत ने शुक्रवार को विपक्षी नेता बोरिस नादेज़्दिन को 'चरमपंथी' प्रतीकों को प्रदर्शित करने का दोषी पाया। इसके चलते उन्हें सितंबर में होने वाले संसदीय चुनावों में भाग लेने से रोक दिया गया है। यह फैसला 2023 के एक ऑनलाइन इंटरव्यू के बाद आया है, जिसमें नादेज़्दिन ने दिवंगत विपक्षी नेता एलेक्सी नवालनी की तस्वीर दिखाई थी। अदालत ने उन पर 1,000 रूबल (लगभग 13 अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना लगाया है।

'विदेशी एजेंट' का ठप्पा और राजनीतिक रुकावटें

यह सज़ा हाल ही में रूसी न्याय मंत्रालय द्वारा नादेज़्दिन को 'विदेशी एजेंट' (foreign agent) घोषित करने के बाद आई है। रूस के कानूनी ढांचे में, इस पदनाम से व्यक्ति पर कड़ी सरकारी निगरानी रखी जाती है और यह सार्वजनिक जीवन को काफी जटिल बना देता है। हालांकि पहले वे संसदीय सीट के लिए कानूनी तौर पर योग्य थे, लेकिन शुक्रवार के फैसले ने एक दूसरी बाधा खड़ी कर दी है, जिससे उनका चुनाव लड़ना असंभव हो गया है।

राजनीतिक बाधाओं का लंबा इतिहास

नादेज़्दिन लगातार रूस की यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। पिछले दो सालों में उनके राजनीतिक सफर में कई प्रशासनिक अड़चनें आई हैं। 2024 की शुरुआत में, उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने की कोशिश की थी और हज़ारों समर्थकों के हस्ताक्षर भी जुटाए थे। लेकिन रूस के सुप्रीम कोर्ट ने उनके 9,000 से अधिक हस्ताक्षरों को अमान्य करार देते हुए उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी थी।

विरोधियों पर जारी कार्रवाई

नादेज़्दिन के खिलाफ यह कानूनी कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब रूसी अधिकारी राज्य और सैन्य नीतियों की आलोचना को दबाने के लिए एक बड़े अभियान पर हैं। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद से, सरकार ने स्वतंत्र मीडिया, मानवाधिकार संगठनों और विभिन्न नागरिक समाज समूहों के संचालन को प्रतिबंधित कर दिया है। इस कार्रवाई के चलते कई गिरफ्तारियां हुई हैं और कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को देश छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। इसी बीच, सेंट पीटर्सबर्ग में एक अन्य आलोचक, इल्या रेमेस्लो (Ilya Remeslo) को सैन्य दुष्प्रचार के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है, जो देश में असंतोष के लिए बढ़ते दबाव को दर्शाता है।

निवेशक और विश्लेषक इन न्यायिक विकासों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, क्योंकि ये रूस के मौजूदा कानूनी ढांचे के भीतर काम करने वाले किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति या संगठन के लिए बढ़ते नियामक और राजनीतिक जोखिमों को उजागर करते हैं। अगले कदम में, चुनावी आयोग का नादेज़्दिन के नाम को आधिकारिक मतपत्र से बाहर करने का अंतिम निर्णय शामिल होगा, जिससे संसदीय दौड़ से उनका पूर्ण निष्कासन सुनिश्चित हो जाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.