Reliance Power CFO Arrested: ₹136 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप!

LAWCOURT
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Reliance Power CFO Arrested: ₹136 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप!
Overview

Reliance Power के निवेशकों के लिए बुरी खबर आई है। दिल्ली पुलिस ने कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) अशोक कुमार पाल और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) के एक टेंडर को हासिल करने के लिए **₹136 करोड़** से ज़्यादा की जाली बैंक गारंटी का इस्तेमाल किया।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

SECI टेंडर में धोखाधड़ी का जाल

Reliance Power के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) अशोक कुमार पाल को दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेज विंग (EOW) ने गिरफ्तार किया है। उन पर ₹136 करोड़ की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप है। यह मामला Reliance Power की सहायक कंपनी Reliance NU BESS Ltd द्वारा सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) के एक टेंडर में कथित तौर पर जाली बैंक गारंटी इस्तेमाल करने से जुड़ा है। जांचकर्ताओं का कहना है कि इन जाली बैंक गारंटी को साबित करने के लिए फर्जी ईमेल कम्युनिकेशन और स्ट्रक्चर्ड फाइनेंशियल मैसेजिंग सिस्टम (SFMS) कन्फर्मेशन का इस्तेमाल किया गया। बाद में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने इन कन्फर्मेशन की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए। इस कथित साजिश में दस्तावेज़ बनाने के लिए बिचौलियों को बड़ी रकम देने का भी आरोप है, जो सीधे तौर पर CFO को फंसाता है और कंपनी के आंतरिक नियंत्रणों पर सवाल खड़े करता है।

रेगुलेटरी जांच और ऑडिट का बढ़ता दायरा

यह घटना Reliance Power के लिए पहले से ही चल रही रेगुलेटरी जांचों के बीच हुई है। SECI ने नवंबर 2024 में इसी तरह के दस्तावेज़ों की गड़बड़ी के कारण कंपनी और उसकी सहायक कंपनी को तीन साल के लिए टेंडर से डिबार (प्रतिबंधित) करने का फैसला किया था, हालांकि यह प्रतिबंध दिसंबर 2024 में वापस ले लिया गया था। इसके अतिरिक्त, कंपनी के ऑडिटर ने जुलाई 2025 में एक अनक्वालिफाइड ओपिनियन दिया था, जिसने कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' (जारी रहने की क्षमता) पर सवाल खड़े किए थे। 14 जनवरी 2026 को सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने भी अहम रेगुलेटरी एक्ट्स के उल्लंघन की जांच के लिए एक फोरेंसिक ऑडिट शुरू किया था।

मार्केट पर असर और वित्तीय दबाव

अप्रैल 2026 में Reliance Power के शेयरों में 40% से ज़्यादा की तेज़ी देखी गई थी, जिससे शेयर ₹28-₹29 के स्तर तक पहुंच गए थे। अप्रैल 2026 के अंत तक कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग ₹116 बिलियन था। हालांकि, इन नए आरोपों से कंपनी के लिए तत्काल जोखिम पैदा हो गया है। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में भले ही कई टेंडर्स आ रहे हों, लेकिन धोखाधड़ी के इन आरोपों के कारण Reliance Power के लिए भविष्य में नए कॉन्ट्रैक्ट हासिल करना मुश्किल हो सकता है। वहीं, Adani Power, Tata Power और JSW Energy जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियां लगभग 34-37 के P/E रेश्यो पर कारोबार कर रही हैं, लेकिन उन पर ऐसे गंभीर धोखाधड़ी के आरोप नहीं हैं। Reliance Power पर लगभग ₹102.1 बिलियन का भारी लॉन्ग-टर्म डेट भी है, जो वित्तीय दबाव को और बढ़ाता है। मार्च 2025 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए कंपनी ने ₹2,947.40 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज करके रिकवरी दिखाई थी, लेकिन अब इन ताज़ा आरोपों से यह तस्वीर धूमिल हो गई है।

कंपनी का पक्ष और आगे की जांच

एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) द्वारा जांच जारी है, और CFO व अन्य आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। Reliance Power का कहना है कि वह धोखाधड़ी का शिकार हुई है और अदालत में अपना पक्ष रखेगी। नवंबर 2025 में मैनेजमेंट बोर्ड का गठन जैसे कंपनी के हालिया कदम इन चुनौतियों के बीच देखे जा सकते हैं। इन जांचों का अंतिम नतीजा, SEBI का फोरेंसिक ऑडिट, और भविष्य के टेंडर बिड्स पर इनका असर कंपनी की ग्रोथ की संभावनाओं और नियामकों का भरोसा वापस जीतने की क्षमता के लिए महत्वपूर्ण अनिश्चितताएं बने हुए हैं।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.