Pappu Yadav विवादों में घिरे: संसद के बाहर राम मंदिर दान पर बने skit को लेकर पुलिस शिकायत दर्ज

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AuthorNeha Patil|Published at:
Pappu Yadav विवादों में घिरे: संसद के बाहर राम मंदिर दान पर बने skit को लेकर पुलिस शिकायत दर्ज

आजाद सांसद पप्पू यादव अब पुलिस जांच के घेरे में हैं। संसद के बाहर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान किए गए एक skit को लेकर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप है कि इस प्रदर्शन ने राम मंदिर के दान के पैसे चुराने का नाटक करके धार्मिक भावनाओं को आहत किया। इस घटना ने सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी INDIA गठबंधन के बीच राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।

क्या है पूरा मामला?

जहाँगीरपुरी पुलिस स्टेशन, दिल्ली में निर्दलीय लोकसभा सांसद पप्पू यादव के खिलाफ एक औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज की गई है। यह शिकायत 31 जुलाई को संसद परिसर के मकर द्वार के पास INDIA ब्लॉक के सदस्यों द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ी है। कानूनी कार्रवाई में आरोप लगाया गया है कि इस प्रदर्शन के दौरान किए गए एक skit ने हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई और सनातन समुदाय का अपमान किया।

Ram Mandir दान पर उठा विवाद

अयोध्या में राम मंदिर के दान के प्रबंधन को लेकर लगे आरोपों पर केंद्रित इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, विपक्षी सदस्यों ने संसद भवन की सीढ़ियों पर दान पात्र रखे। इस दौरान, पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र पहने और एक पुजारी की भूमिका निभाई। प्रदर्शन में विपक्षी सांसदों ने दान पात्रों में पैसे डाले, जबकि यादव ने कथित तौर पर पैसे जेब में डालने का नाटक किया। यह हावभाव मंदिर के दान के कथित गबन को दर्शाने का इरादा रखता था।

शिकायत में किन-किन के नाम?

शुक्रवार रात को दर्ज की गई शिकायत में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव और सांसद अवधेश कुमार जैसे प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के नाम भी शामिल हैं, जिन पर इस कृत्य में शामिल होने का आरोप है। पुलिस उपायुक्त (DCP) ने संकेत दिया है कि मामले की समीक्षा की जाएगी और आगे की कार्रवाई तय करने से पहले कानूनी सलाह ली जाएगी।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस घटना ने तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया को जन्म दिया है। बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने सार्वजनिक रूप से इस प्रदर्शन की आलोचना करते हुए प्रदर्शनकारियों पर आस्था, पारंपरिक प्रतीकों और भगवान राम का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह कृत्य अस्वीकार्य था और आरोप लगाया कि विपक्षी दल लगातार सनातन धर्म को नीचा दिखाते हैं। इसके विपरीत, विपक्षी गठबंधन का कहना है कि उनका विरोध सरकारी जवाबदेही की मांग करने और मंदिर दान के प्रबंधन को लेकर उनकी चिंताओं को उजागर करने का एक राजनीतिक कदम था।

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब पार्टियां उत्तर प्रदेश में आगामी राज्य विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही हैं। जनता और बाजार पर्यवेक्षकों के लिए मुख्य बात यह होगी कि क्या पुलिस जांच से आगे की कानूनी कार्यवाही होती है या मामला राजनीतिक प्रक्रिया के माध्यम से हल किया जाता है। चूंकि स्थिति अभी पुलिस समीक्षा के शुरुआती चरण में है, इसलिए मुख्य ध्यान शिकायत की कानूनी स्थिति और नामित पक्षों से किसी भी आगामी बयान पर रहेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.