NEET पेपर लीक: सरकार ने 2024 के कानून का सहारा लिया, अब तेज होंगी जांचें

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AuthorAditya Rao|Published at:
NEET पेपर लीक: सरकार ने 2024 के कानून का सहारा लिया, अब तेज होंगी जांचें

केंद्र सरकार NEET-UG पेपर लीक के मामलों में तेजी लाने के लिए 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मींस) एक्ट, 2024' का इस्तेमाल कर रही है। अधिकारी रोजाना सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के लिए हाई कोर्ट से समन्वय कर रहे हैं। इस कदम का उद्देश्य जवाबदेही सुनिश्चित करना और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की अखंडता की रक्षा करना है।

Detailed Coverage

2024 के 'अनफेयर मींस एक्ट' का होगा इस्तेमाल

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में अनियमितताओं पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की है। सरकार 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मींस) एक्ट, 2024' का इस्तेमाल कर रही है, जो 21 जून, 2024 से लागू हुआ है। इसका मकसद पेपर लीक और परीक्षा में धोखाधड़ी जैसे मामलों में शामिल लोगों पर तेजी से कार्रवाई करना है। इस कानून के तहत, परीक्षा की निष्पक्षता को नुकसान पहुंचाने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। अब तक इस कानून के तहत कम से कम चार फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं।

विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों का प्रस्ताव

मामलों में कानूनी देरी से बचने के लिए, केंद्र सरकार राज्यों की सरकारों और विभिन्न हाई कोर्ट्स के साथ मिलकर काम कर रही है। योजना यह है कि विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाई जाएं, जहां इन मामलों की रोजाना सुनवाई हो सके। बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट्स के अधिकार क्षेत्रों में ऐसी अदालतों की स्थापना पर शुरुआती चर्चाएं चल रही हैं। खास बात यह है कि बॉम्बे हाई कोर्ट पहले से ही दर्ज दो FIR मामलों की निगरानी कर रहा है।

यह पहल बड़े पैमाने पर होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर उठ रही चिंताओं का सीधा जवाब है। छात्रों और उनके परिवारों को उम्मीद है कि इस विवाद से उत्पन्न प्रणालीगत मुद्दों का समाधान पारदर्शी और त्वरित न्यायिक परिणाम से होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.