नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने Byju's की मूल कंपनी Think & Learn के इनसॉल्वेंसी बिडिंग प्रोसेस पर **31 अगस्त** तक रोक लगा दी है। ट्रिब्यूनल अमेरिकी टर्म लोन लेनदारों के **₹11,433 करोड़** के विवादित दावे की समीक्षा करेगा।
Detailed Coverage
इनसॉल्वेंसी बिडिंग पर 'ब्रेक'
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की बेंगलुरु बेंच ने एड-टेक कंपनी Byju's की मूल कंपनी Think & Learn के इनसॉल्वेंसी बिडिंग प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह रोक 31 अगस्त तक लागू रहेगी। इस फैसले के तहत, कंपनी के इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) को नए खरीदारों को आमंत्रित करने या संभावित बोलीदाताओं की सूची को अंतिम रूप देने से मना किया गया है।
लेंडर्स के बड़े दावे का पेंच
यह रोक Byju's के फाउंडर्स द्वारा अमेरिकी टर्म लोन लेंडर्स के ट्रस्टी के पास दायर ₹11,433 करोड़ के दावे को चुनौती देने के बाद लगाई गई है। फाउंडर्स ने ट्रिब्यूनल में अर्जी देकर कहा था कि इस दावे को स्वीकार करने से इनसॉल्वेंसी की कार्यवाही अनुचित तरीके से प्रभावित हो सकती है और बोली प्रक्रिया के नतीजे पर असर पड़ सकता है। NCLT ने माना है कि इस बड़े वित्तीय विवाद का समाधान होने तक बिडिंग प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
कंपनी की वित्तीय तंगी
Byju's पिछले कुछ समय से गंभीर वित्तीय संकट और लिक्विडिटी की समस्या से जूझ रही है। कंपनी पर भारत और विदेश दोनों जगहों के लेनदारों के साथ कई कानूनी विवाद भी चल रहे हैं। कभी भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का चमकता सितारा मानी जाने वाली Byju's को पिछले दो सालों में कर्ज चुकाने और संचालन को बनाए रखने में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। अब निवेशक और स्टेकहोल्डर्स ट्रिब्यूनल के अगले कदमों पर नजर टिकाए हुए हैं, क्योंकि लेंडर्स के दावे की वैधता का फैसला कंपनी के भविष्य की दिशा तय करेगा।
