Madurai Meenakshi Temple Land Fraud: 19 के खिलाफ FIR दर्ज

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AuthorNeha Patil|Published at:
Madurai Meenakshi Temple Land Fraud: 19 के खिलाफ FIR दर्ज

मदुरै पुलिस ने मदुरै मीनाक्षी मंदिर ट्रस्ट की **1.79 एकड़** जमीन, जिसकी कीमत **₹60 करोड़** बताई जा रही है, के कथित कब्जे के मामले में **19** लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह जांच धोखाधड़ी से जमीन के मालिकाना हक बदलने और कोर्ट के आदेशों के बावजूद अवैध मॉर्गेज (Mortgage) डीड बनाने पर केंद्रित है।

धोखाधड़ी का पूरा मामला

मदुरै सिटी सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने मीनाक्षी सुंदरेश्वरार मंदिर और अलगर मंदिर से जुड़ी 1.79 एकड़ जमीन के बड़े प्रॉपर्टी फ्रॉड (Property Fraud) की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में 19 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिनमें पूर्व सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। आरोप है कि इन्होंने मिलीभगत करके जमीन का अवैध रूप से मालिकाना हक बदला और उसे मॉर्गेज (Mortgage) किया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹60 करोड़ है।

जमीन पर लगे ऐतिहासिक प्रतिबंध

अलगर कोविल रोड पर स्थित 'अशोक विलास' के नाम से जानी जाने वाली यह संपत्ति, एक 1930 के वसीयतनामा (Will) के तहत आती है। इस वसीयत में साफ तौर पर कहा गया था कि यह जमीन मंदिर ट्रस्ट की चैरिटेबल संपत्ति है और इसे बेचा, मॉर्गेज (Mortgage) या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता, सिवाय लीज (Lease) के। मंदिर के ज्वाइंट कमिश्नर और एंटी-करप्शन ग्रुप 'अराप्पोर अयक्कम' की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई हुई है, जिन्होंने बताया कि इन सुरक्षा उपायों को प्रशासनिक गड़बड़ी से दरकिनार कर दिया गया।

सरकारी अधिकारियों की भूमिका?

जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि 2016 में तत्कालीन मदुरै नॉर्थ तहसीलदार (Tehsildar) ने कैसे आधिकारिक रिकॉर्ड में जमीन का टाइटल (Title) बदला। हालांकि, रेवेन्यू डिविजनल ऑफिसर (Revenue Divisional Officer) ने बाद में उस आदेश को रद्द कर दिया था और ट्रस्ट के मालिकाना हक को फिर से बहाल किया था। इसके बावजूद, FIR में कहा गया है कि प्रॉपर्टी को अवैध ट्रांजैक्शन (Transaction) के लिए निशाना बनाया गया। जांच में यह भी आरोप है कि 2021 में मुरप्पनडु सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में एक जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (General Power of Attorney) रजिस्टर हुई, जिसके तुरंत बाद वदमदुरै सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में एक मॉर्गेज डीड (Mortgage Deed) रजिस्टर कराई गई। पुलिस ने इन रजिस्ट्रेशन में शामिल पूर्व अधिकारियों को भी 19 आरोपियों में शामिल किया है।

कानूनी कार्रवाई और आगे क्या?

आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। यह मामला धार्मिक और चैरिटेबल ट्रस्टों की जमीन के रिकॉर्ड को बनाए रखने में आ रही गंभीर चुनौतियों को उजागर करता है, क्योंकि आरोपियों ने कथित तौर पर जांच से बचने के लिए कई जिलों में ट्रांसफर की योजना बनाई थी। सेंट्रल क्राइम ब्रांच (Central Crime Branch) मामले की सक्रियता से जांच कर रही है, और कानूनी कार्यवाही जारी रहने की उम्मीद है क्योंकि अधिकारी धोखाधड़ी वाले दस्तावेजों की पूरी सीमा का सत्यापन करने और ट्रस्ट की संपत्तियों पर नियंत्रण वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.