केरल में एक चौंकाने वाली गिरफ्तारी हुई है। फजलुद्दीन टी. नाम के शख्स को, जो कभी सऊदी अरब में 'ब्लड मनी' देकर जेल से छूटा था, अब अंतरराज्यीय मेथामफेटामाइन ड्रग्स नेटवर्क चलाने के आरोप में पकड़ा गया है। कन्नूर पुलिस ने उसे 14 जुलाई को गिरफ्तार किया।
'ब्लड मनी' से छूटा, अब ड्रग्स का सरगना!
केरल के कन्नूर जिले में पुलिस ने 14 जुलाई को 45 वर्षीय फजलुद्दीन टी. को गिरफ्तार किया है। एजेंसियों का आरोप है कि यह शख्स इरिटी इलाके में मेथामफेटामाइन (एक तरह की नशीली दवा) की सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का सरगना है।
फजलुद्दीन का आपराधिक इतिहास
फजलुद्दीन का अतीत काफी संगीन है। 2006 में सऊदी अरब में टैक्सी ड्राइवर के तौर पर काम करते हुए उसने एक यात्री की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसे जेल हो गई। 2016 तक वह सऊदी जेल में रहा, जब तक कि करीब 80 लाख रुपये 'ब्लड मनी' के तौर पर देकर उसे छुड़ाया नहीं गया। यह रकम कई संगठनों की मदद से जुटाई गई थी।
भारत लौटने के बाद वह बेंगलुरु में बस गया। 2023 में उसे बेंगलुरु पुलिस ने बड़ी मात्रा में गांजे के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस का मानना है कि बेंगलुरु जेल में रहते हुए ही उसने बड़े ड्रग्स सिंडिकेट के साथ ताल्लुकात बनाए।
कैसे हुआ खुलासा?
जेल से जनवरी 2026 में छूटने के बाद फजलुद्दीन केरल के इरिटी लौटा और एक लोकल ढाबे में काम करने लगा। हाल ही में जब पुलिस ने एक स्थानीय व्यक्ति को मेथामफेटामाइन के साथ पकड़ा, तो जांच आगे बढ़ी। इसी जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जब्त की गई ड्रग्स का सोर्स फजलुद्दीन द्वारा चलाए जा रहे नेटवर्क से जुड़ा है।
पुलिस की लगातार निगरानी के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। अब उससे ड्रग्स ट्रेड में उसकी भूमिका को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस मामले में ड्रग्स नेटवर्क की जड़ें और दूसरे राज्यों के सप्लायर्स से इसके कनेक्शन का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस की जांच जारी है और जल्द ही कोर्ट में पेशी के दौरान अहम जानकारी सामने आ सकती है।
