Sona Comstar Share Price: कपुर परिवार की जंग में फंसी कंपनी! ₹30,000 करोड़ की विरासत पर घमासान, निवेशकों की बढ़ी चिंता

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AuthorNeha Patil|Published at:
Sona Comstar Share Price: कपुर परिवार की जंग में फंसी कंपनी! ₹30,000 करोड़ की विरासत पर घमासान, निवेशकों की बढ़ी चिंता
Overview

ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनी Sona Comstar के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। कंपनी के प्रमोटर यानी कपुर परिवार के बीच ₹30,000 करोड़ की प्रॉपर्टी को लेकर एक बड़ा झगड़ा चल रहा है, जिसमें धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगे हैं। इस पारिवारिक कलह की वजह से कंपनी के गवर्नेंस (Governance) पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा रहा है, भले ही कंपनी का EV बिजनेस काफी मजबूत हो।

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कंट्रोल के लिए परिवार की जंग

दिवंगत सनजय कपुर की जायदाद को लेकर चल रहा यह गहरा पारिवारिक विवाद ऑटो टेक्नोलॉजी फर्म Sona Comstar के लिए बड़े गवर्नेंस रिस्क (Governance Risk) पैदा कर रहा है। यह पारिवारिक कलह कंपनी के मजबूत ऑपरेशनल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में बढ़ते फोकस पर भारी पड़ सकती है।

स्वामित्व का विवाद और कानूनी लड़ाई

Sona Comstar की गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं की जड़ कंपनी की उन जटिल फैमिली ट्रस्ट्स (Family Trusts) और होल्डिंग कंपनियों में है, जो Aureus Investment Pvt. Ltd. पर कंट्रोल के लिए लड़ रही हैं। Aureus Investment के पास Sona Comstar में 28.02% हिस्सेदारी है। रानी कपुर, दिवंगत सनजय कपुर की मां, ने अपने एसेट्स को हटाने के लिए बनाए गए ट्रस्टों में धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप लगाया है। वह बोर्ड मीटिंग रोकने और सनजय कपुर की तीसरी पत्नी, प्रिया कपुर, को कोई भी कदम उठाने से रोकना चाहती हैं। हालांकि, Sona Comstar का कहना है कि रानी कपुर 2019 से शेयरहोल्डर नहीं हैं और कंपनी फैमिली-कंट्रोल्ड नहीं है। उनका कहना है कि 70% से ज्यादा शेयर पब्लिक और इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के पास हैं। CEO विवेक विक्रम सिंह ने इस बात पर जोर दिया है कि इस विवाद का ऑपरेशन्स पर 'कोई असर नहीं' हुआ है और उन्होंने ₹30,000 करोड़ की एस्टेट वैल्यूएशन पर भी सवाल उठाया है। इन आश्वासनों के बावजूद, जबरन डॉक्यूमेंट साइन कराने और नकली हस्ताक्षर के आरोप निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं।

मजबूत बिजनेस, पारिवारिक झगड़ा

Sona Comstar एक बढ़ते हुए मार्केट में काम कर रही है। भारतीय ऑटो कंपोनेंट सेक्टर में वाहनों के प्रोडक्शन में बढ़ोतरी और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को तेजी से अपनाने के कारण बड़ी ग्रोथ की उम्मीद है। कंपनी ने खुद भी शानदार नतीजे दिखाए हैं, FY26 में रिकॉर्ड रेवेन्यू और प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी के रेवेन्यू में अब EV सेगमेंट का हिस्सा 39% हो गया है। Sona Comstar के पास डिफरेंशियल गियर (Differential Gears) में 8.1% और स्टार्टर मोटर्स (Starter Motors) में 4.2% की ग्लोबल मार्केट शेयर भी है। हालांकि, कंपनी का वैल्यूएशन, जो कि प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो करीब 60x है, जांच के दायरे में है, खासकर तब जब ग्लोबल EV ग्रोथ के अनुमान धीमे पड़ रहे हैं। कॉम्पिटीटर्स जैसे Samvardhana Motherson का P/E रेशियो करीब 42x है, और Uno Minda का भी लगभग इतना ही है। Sona Comstar रेलवे कंपोनेंट्स में डाइवर्सिफाई कर रही है और भविष्य की ग्रोथ के लिए रोबोटिक्स पर भी विचार कर रही है, लेकिन इन प्रयासों पर चल रहा पारिवारिक मालिकाना हक का विवाद छाया हुआ है।

कानूनी लड़ाई से जोखिम

यह जारी कानूनी लड़ाई गंभीर गवर्नेंस रिस्क पेश करती है, जिस पर निवेशकों को गौर करना चाहिए। अगर धोखाधड़ी वाले ट्रस्ट निर्माण और जालसाजी के दावों को सही पाया गया, तो यह व्यापक रेगुलेटरी जांच का कारण बन सकता है और Sona Comstar के मालिकाना हक की पारदर्शिता पर बुनियादी सवाल खड़े कर सकता है। साफ नेतृत्व वाले कॉम्पिटीटर्स के विपरीत, परिवार के निजी कानूनी मुद्दों की अस्पष्ट प्रकृति अनिश्चितता पैदा करती है, जिससे कंपनी के मैनेजमेंट और स्ट्रेटेजिक प्लानिंग पर पूर्ण प्रभाव का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। भले ही कंपनी का कहना है कि ऑपरेशन्स प्रभावित नहीं हुए हैं, लेकिन लंबे समय तक चलने वाले पारिवारिक विवाद अक्सर महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट फैसलों में देरी का कारण बन सकते हैं, जिससे कंपटीशन या मार्केट में बदलावों पर तेजी से प्रतिक्रिया करने की क्षमता कम हो जाती है। एसेट फ्रीज (Asset Freeze) जैसी संभावित कानूनी कार्रवाइयां कंपनी द्वारा कैपिटल एलोकेट करने और भविष्य की ग्रोथ की योजना बनाने के तरीके को भी सीधे प्रभावित कर सकती हैं, जिससे उसके बिजनेस परफॉर्मेंस से परे जोखिम जुड़ जाता है।

बंटे हुए एनालिस्ट्स के व्यू

Sona Comstar पर एनालिस्ट्स के व्यू बंटे हुए हैं, जो इसके मजबूत ऑपरेशन्स और प्रमुख गवर्नेंस चिंताओं के बीच संतुलन बना रहे हैं। कुछ एनालिस्ट्स 'Buy' रेटिंग बनाए हुए हैं, जिनके प्राइस टारगेट में संभावित Gains दिख रहे हैं, जैसे Nomura का ₹720 का टारगेट। वहीं, कुछ एनालिस्ट्स ज्यादा सतर्क हैं। BofA Securities के पास 'Underperform' रेटिंग है और ₹440 का टारगेट है, जिसमें ओवरवैल्यूएशन की बात कही गई है। Motilal Oswal ने भी 'Neutral' रेटिंग दी है, जो हाई वैल्यूएशन और EV ट्रांजिशन में जोखिमों की ओर इशारा करता है। एवरेज प्राइस टारगेट लगभग ₹573-₹574 के आसपास है। हालांकि, ये फोरकास्ट ज्यादातर ऑपरेशनल नतीजों पर आधारित हैं और इन पर उभरे गंभीर गवर्नेंस रिस्क का पूरी तरह से असर नहीं दिख रहा है। Sona Comstar कैसे इस जटिल मालिकाना हक की लड़ाई को मैनेज करती है, साथ ही अपने EV ग्रोथ और नए सेक्टर्स में विस्तार को जारी रखती है, यह भविष्य में निवेशकों के भरोसे के लिए अहम होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.