जम्मू और कश्मीर के अनंतनाग में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के दो आतंकियों के घरों को गिरा दिया है। यह कदम हेड कांस्टेबल आशिक़ हुसैन कुरैशी की हत्या के बाद उठाया गया है, जिसका मकसद घाटी में आतंकी नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है।
Detailed Coverage
आतंकी समर्थन नेटवर्क पर बड़ा प्रहार
जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने आतंक के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। इसी कड़ी में, अनंतनाग जिले में 22-23 जुलाई, 2026 की रात को दो आवासीय संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया गया। ये दोनों घर आदिल ठोकर (गुरी) और हारून गनाई (हसनपोरा) के बताए जा रहे हैं, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सक्रिय सदस्य के तौर पर पहचाना है।
क्यों हुई कार्रवाई?
यह कार्रवाई पिछले बुधवार को हेड कांस्टेबल आशिक़ हुसैन कुरैशी की लक्षित हत्या के बाद की गई है। 35 वर्षीय कुरैशी अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे, जब एक हमलावर ने उन्हें गोली मार दी थी। इस घटना के तुरंत बाद, स्थानीय सुरक्षा बलों ने हत्यारों का पता लगाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पूरे जिले में घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया था।
मज़बूती से ध्वस्त हो रहे आतंकी ठिकाने
आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने का यह कदम घाटी में सक्रिय आतंकवादियों को मिलने वाली लॉजिस्टिक और अन्य सहायता को खत्म करने की एक रणनीतिक कोशिश है। प्रशासन का मानना है कि आतंकियों से जुड़े इन संपत्तियों को निशाना बनाकर, उन नेटवर्कों को तोड़ा जा सकता है जो आतंकियों को छिपने और अपने ऑपरेशन चलाने में मदद करते हैं।
बढ़ा हुआ सुरक्षा घेरा
अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी की गई थी। इस तरह के कदम आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे कदमों का हिस्सा हैं। अनंतनाग इलाके में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ा दी गई है और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चौकियों की संख्या बढ़ा दी गई है। क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।
