ब्रिटेन की एक अदालत ने Jogesh Bhandari और Meenakshi Bhandari नाम के भारतीय मूल के दंपत्ति को कोरोना महामारी के दौरान हुए करोड़ों पाउंड के PPE (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) फ्रॉड मामले में दोषी पाया है। दंपत्ति ने दस्तानों की सप्लाई के झूठे वादे कर कंपनियों को ठगा और इन पैसों से आलीशान जिंदगी जी रहे थे। सजा का ऐलान 21 अगस्त को होगा।
Detailed Coverage
PPE फ्रॉड का पूरा मामला
ब्रिटेन की एक अदालत ने भारतीय मूल के दंपत्ति Jogesh Bhandari (59) और Meenakshi Bhandari (58) को पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) से जुड़े बड़े पैमाने पर हुए धोखाधड़ी के मामले में दोषी करार दिया है। इस मामले में उनके एक साथी Craig Morris भी शामिल थे। दंपत्ति पर आरोप है कि उन्होंने COVID-19 महामारी के चरम पर कंपनियों को लाखों बॉक्स दस्ताने सप्लाई करने का झूठा वादा किया, लेकिन सप्लाई कभी नहीं की गई।
कैसे हुआ करोड़ों का फ्रॉड?
नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) की जांच में पता चला कि इस स्कीम का फायदा 2020 और 2021 के बीच सुरक्षा उपकरणों की भारी मांग का फायदा उठाकर उठाया गया। जांचकर्ताओं के अनुसार, Jogesh Bhandari ने खासतौर पर इसी ट्रेडिंग के लिए एक कंपनी खोली थी। इस फ्रॉड को अंजाम देने के लिए एक खास तरीका अपनाया गया, जिसमें अमेरिका स्थित एक पूर्व अधिकारी, Frank Labruzzo, ने फर्जी एस्क्रो सर्विस (Escrow Service) प्रदान की। इससे यह तिकड़ी खरीदारों के पैसों को सीधे अपने पास डायवर्ट कर पाती थी, बजाय इसके कि माल की डिलीवरी कन्फर्म होने तक पैसा सुरक्षित रखा जाए।
आलीशान जिंदगी के लिए ठगी
अधिकारियों द्वारा जांचे गए वित्तीय रिकॉर्ड से पता चला कि 2021 की शुरुआत में ही इस ग्रुप को अमेरिका के अस्पतालों में भेजे जाने वाले दस्तानों की खेप के लिए $3.18 मिलियन से अधिक मिले थे। एक मामले में, दंपत्ति ने अपने पर्सनल कर्ज चुकाने के लिए खरीदार की जमा राशि में से लगभग $500,000 का इस्तेमाल किया। जांच में यह भी सामने आया कि Jogesh Bhandari ने जालसाजी वाले बैंक स्टेटमेंट का इस्तेमाल किया, जिसमें उसने $125 मिलियन तक की अकाउंट बैलेंस दिखाई और अपने बिजनेस की झूठी वित्तीय स्थिरता दिखाने के लिए जाली अटैस्टेशन लेटर भी बनवाए।
Trial में पेश किए गए सबूतों से पता चला कि इस अवैध कमाई का इस्तेमाल एक भव्य व्यक्तिगत जीवन शैली को फंड करने के लिए किया गया था। खर्चों में £126,000 की पोर्श कार, कई लग्जरी गाड़ियां जैसे ऑडी और लैंड रोवर, रोलेक्स घड़ियां, गहने और दंपत्ति के घर का बड़े पैमाने पर रेनोवेशन शामिल था। साजिशकर्ताओं के बीच हुई बातचीत से पता चला कि वे वैश्विक स्वास्थ्य संकट से मुनाफा कमाना चाहते थे, यहां तक कि उन्होंने रोल्स-रॉयस खरीदने की इच्छा भी जताई थी।
आगे क्या?
NCA ने फरवरी 2023 में तीनों को गिरफ्तार किया था। हालांकि, Bhandaris और Morris की सजा का ऐलान 21 अगस्त को होना है, इस मामले के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक प्रभाव थे, क्योंकि इस स्कीम में शामिल Frank Labruzzo और अन्य सहयोगियों को पहले ही संयुक्त राज्य अमेरिका में दोषी ठहराया जा चुका है। अधिकारियों ने कहा कि इन कार्रवाइयों से न केवल पीड़ितों को सीधा वित्तीय नुकसान हुआ, बल्कि महामारी के दौरान चिकित्सा आपूर्ति की तत्काल आवश्यकता वाले स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से महत्वपूर्ण चिकित्सा संसाधन भी दूर हो गए। आगामी सजा सुनवाई इस कानूनी प्रक्रिया में अगला बड़ा कदम होगा।
