2022 में लेखक सलमान रुश्दी पर जानलेवा हमला करने के आरोप में दोषी ठहराए गए हादी मतर अब न्यूयॉर्क की एक फेडरल कोर्ट में पेश हुए हैं। इस नए मुकदमे में यह आरोप लगाया गया है कि यह हमला विदेशी-समर्थित कट्टरपंथ और आतंकी समूहों की मदद के इरादे से किया गया था। अभियोजन पक्ष का लक्ष्य राज्य-स्तरीय दोषसिद्धि से परे इरादे को साबित करना है।
Detailed Coverage
न्यूयॉर्क में हादी मतर पर आतंकवाद का मुकदमा
2022 में मशहूर लेखक सलमान रुश्दी पर जानलेवा हमला करने के आरोप में 25 साल की जेल की सज़ा काट रहे हादी मतर, अब न्यूयॉर्क के बफ़ेलो में फेडरल कोर्ट में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। जहाँ पिछली राज्य-स्तरीय सुनवाई में हत्या के प्रयास और हमले के मामले पर ध्यान केंद्रित किया गया था, वहीं इस नए फेडरल मुकदमे में हमले के पीछे के कथित वैचारिक मकसद और कनेक्शन की जांच की जाएगी।
गवाहों की सूची में रुश्दी का नाम
बुधवार से गवाही शुरू होने की उम्मीद है। गवाहों की सूची में 79 वर्षीय लेखक सलमान रुश्दी का नाम भी शामिल है। अभियोजन पक्ष के मामले का मुख्य बिंदु यह आरोप है कि मतर ने विदेशी-सूचीबद्ध आतंकी संगठनों को भौतिक सहायता प्रदान करने के इरादे से काम किया। अभियोजन पक्ष यह तर्क देने की योजना बना रहा है कि मतर ईरान के दिवंगत नेता अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी द्वारा 1989 में जारी किए गए फतवे से प्रभावित था, जिसमें लेखक की मौत का आह्वान किया गया था।
सबूत और विदेशी कनेक्शन का दावा
अदालत के कागजात में पेश किए गए सबूतों में आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जब्त की गई सामग्री शामिल है, जिसमें कथित तौर पर फतवे और हत्या के तरीकों के बारे में जानकारी थी। जांचकर्ताओं ने न्यू जर्सी में उनके घर में ईरानी नेतृत्व की तस्वीरें भी पाईं। ये तत्व सरकार के लिए इस कृत्य को सीधे विदेशी वैचारिक प्रभावों से जोड़ने के प्रयासों के केंद्र में हैं। ईरान ने 2022 की घटना में किसी भी संलिप्तता से लगातार इनकार किया है।
मतर का पक्ष और आगे का रास्ता
28 वर्षीय अमेरिकी और लेबनानी दोहरी नागरिकता वाले मतर ने पहले किसी संगठित साजिश का हिस्सा होने से इनकार किया है। उनके बचाव पक्ष ने उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से एकत्र किए गए सबूतों के दायरे पर सवाल उठाया है। पिछली कानूनी कार्यवाही के दौरान, आरोपी ने लेखक के प्रति व्यक्तिगत शिकायतें व्यक्त की थीं, जबकि खुद को पूर्व-नियोजित, राज्य-प्रायोजित ऑपरेशन की कहानी से दूर रखा था। आने वाला मुकदमा इस बात का निर्धारण करने में एक महत्वपूर्ण चरण होगा कि क्या इस हमले को संघीय कानून के तहत अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का कार्य माना जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक गंभीर दंड हो सकता है यदि आरोपी इन नए आरोपों में दोषी पाया जाता है।
