NCLAT ने CCI के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें Grasim Industries के विस्कोस स्टेपल फाइबर (VSF) बिजनेस पर ₹301.61 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया गया था। यह फैसला कंपनी के लिए एक बड़ी राहत है, हालांकि मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए CCI को वापस भेज दिया गया है। इस फैसले के बाद Grasim Industries के शेयर में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 0.72% की तेजी देखी गई, और शेयर ₹2,876.65 पर बंद हुआ। बीते दिन करीब 977,675 शेयरों का ट्रेडिंग वॉल्यूम दर्ज किया गया।
Grasim का VSF मार्केट और कॉम्पिटिशन
Grasim Industries, जो आदित्य बिड़ला ग्रुप का हिस्सा है, ग्लोबल VSF मार्केट में एक प्रमुख खिलाड़ी है। यह टॉप तीन उत्पादकों में 10-12% की हिस्सेदारी रखती है। VSF सेक्टर में जबरदस्त कॉम्पिटिशन है, जहां ऑस्ट्रिया की Lenzing AG और चीन की Sateri/RGE Group जैसी कंपनियां लीडरशिप के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। Lenzing AG अपने TENCEL™ Lyocell जैसे प्रीमियम और सस्टेनेबल प्रोडक्ट्स पर जोर दे रही है, जिससे अन्य कंपनियों पर भी ग्रीन प्रैक्टिस अपनाने का दबाव बढ़ रहा है। भारत में टेक्सटाइल केमिकल्स मार्केट मजबूत है और 2034 तक $3.7 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, जो VSF की अच्छी मांग का संकेत देता है। Grasim का केमिकल्स, सीमेंट और नए पेंट वेंचर जैसे विविध बिजनेस सेगमेंट स्थिरता प्रदान करते हैं।
कंपनी का वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स की राय
Grasim Industries की मार्केट वैल्यूएशन लगभग ₹1.90-1.95 ट्रिलियन है। ज्यादातर एनालिस्ट्स कंपनी को लेकर पॉजिटिव हैं और 12-महीने के टारगेट प्राइस ₹3,271 से ₹3,521 के बीच रखते हैं। हालांकि, यह भी ध्यान दिया जाता है कि Grasim प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। इसका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो लगभग 41.37 है, जो सीमेंट इंडस्ट्री के औसत 36.65 से करीब 13% ज्यादा है। MarketsMOJO ने हाल ही में 'Buy' से 'Hold' रेटिंग दी है, जिसका कारण इस प्रीमियम वैल्यूएशन को बताया गया है, भले ही कंपनी ने लंबे समय में अच्छा प्रदर्शन किया हो। पिछले साल Grasim के स्टॉक ने 3.50% का रिटर्न दिया, जबकि Sensex में 4.64% की गिरावट आई थी।
आगे की चुनौतियां और रेगुलेटरी जोखिम
NCLAT द्वारा पेनल्टी रद्द किए जाने के बावजूद, CCI का मामला पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। ट्रिब्यूनल ने मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए वापस भेज दिया है, जिसका मतलब है कि CCI Grasim के VSF बिजनेस प्रैक्टिसेस की फिर से जांच करेगा। ऐसे में, रेगुलेटर दोबारा पेनल्टी लगा सकता है या कुछ निर्देश वापस ला सकता है। रेगुलेटरी मुद्दों के अलावा, Grasim के VSF बिजनेस को अन्य चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा। Lenzing जैसी कंपनियां सस्टेनेबिलिटी पर जोर दे रही हैं, जो ग्लोबल ग्राहकों के लिए तेजी से महत्वपूर्ण हो रहा है। Grasim को कॉम्पिटिटिव बने रहने के लिए ग्रीन प्रोसेस और स्पेशलाइज्ड फाइबर्स में निवेश जारी रखना होगा। कंपनी का प्रीमियम P/E रेशियो बताता है कि बाजार पहले से ही ऊंची ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है। किसी भी बड़ी बाधा या लंबी कानूनी कार्यवाही से इस वैल्यूएशन पर जोखिम आ सकता है।
