Ebix के चेयरमैन विकास गर्ग को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) को विकास गर्ग को **24 घंटे** की ट्रांजिट रिमांड पर सौंप दिया है। ED अब गर्ग को रायपुर ले जाकर महादेवा ऑनलाइन बेटिंग ऐप मनी लॉन्ड्रिंग केस में आगे की जांच करेगी।
क्या है महादेवा ऐप केस?
यह मामला ऑनलाइन बेटिंग के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) इस केस की जांच कर रही है और अब तक 74 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है। ED का आरोप है कि विकास गर्ग का इस रैकेट से कनेक्शन है और उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी है।
क्यों हुई गिरफ्तारी?
ED का कहना है कि विकास गर्ग की हिरासत में पूछताछ से केस की तह तक पहुंचने में मदद मिलेगी। हालांकि, गर्ग के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उनके मुवक्किल पहले भी तीन बार जांच में सहयोग कर चुके हैं और जरूरी दस्तावेज भी सौंपे हैं। इसके बावजूद कोर्ट ने ED की 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड की अर्जी को मंजूरी दे दी।
पहले भी हुई कार्रवाई
ED पहले भी इस मामले में विकास गर्ग से जुड़ी प्रॉपर्टीज को अटैच कर चुकी है। करीब ₹940 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई थी। यह केस कई FIR और Enforcement Case Information Report (ECIR) पर आधारित है। गर्ग के वकीलों ने इंटरिम बेल की मांग की थी और 15 जुलाई तक पेश होने का आश्वासन दिया था, लेकिन कोर्ट ने ट्रांजिट रिमांड पर मुहर लगा दी।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
इस पूरी कानूनी कार्रवाई का Ebix के बिजनेस और मैनेजमेंट पर क्या असर पड़ेगा, यह निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। अब यह मामला रायपुर की स्पेशल PMLA कोर्ट में जाएगा। आगे चलकर Ebix मैनेजमेंट की तरफ से क्या बयान आते हैं, ED की जांच कितनी आगे बढ़ती है और कंपनी पर कोई नई कानूनी या फाइनेंशियल पाबंदी लगती है या नहीं, इन सब पर नजर रहेगी।
