वर्णनात्मक चिह्नों पर फैसला
दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया है कि अंग्रेजी अक्षर ट्रेडमार्क विशिष्टता के लिए पात्र नहीं हैं। जस्टिस तेजस कारिया की पीठ ने अल्केम लेबोरेटरीज लिमिटेड को उसके 'A TO Z' चिह्न के लिए अंतरिम सुरक्षा प्रदान करने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि ऐसे चिह्न वर्णनात्मक हैं और किसी एक इकाई द्वारा एकाधिकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने 'A' और 'Z' अक्षरों पर अल्केम के दावे को ट्रेडमार्क कानून के तहत अप्रमाणित पाया।
प्रतिद्वंद्वी की ब्रांडिंग को बरकरार रखा
यह फैसला तब आया जब अल्केम लेबोरेटरीज ने प्रेवेगो हेल्थकेयर एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड पर प्रेवेगो के 'मल्टीवेन AZ' मल्टीविटामिन उत्पाद में 'AZ' का उपयोग करने को लेकर मुकदमा दायर किया। अल्केम का तर्क था कि प्रेवेगो की ब्रांडिंग उसके 'A to Z' और 'A to Z-NS' ब्रांडों का उल्लंघन करती है, जिनका उपयोग वह 1998 से कर रहा है। हालांकि, कोर्ट प्रेवेगो के इस बचाव से सहमत था कि 'A to Z' एक सामान्य वाक्यांश है जो व्यापकता को दर्शाता है और इसमें विशेष ट्रेडमार्क सुरक्षा के लिए विशिष्टता का अभाव है। प्रेवेगो ने यह भी बताया कि अल्केम के पास क्लास 5 में 'A to Z' के लिए पंजीकृत वर्ड-मार्क नहीं था।
गैर-प्रकटीकरण और उल्लंघन के दावे
अल्केम की स्थिति को और कमजोर करते हुए, कोर्ट ने कंपनी की क्लास 5 में 'A TO Z' के लिए पहले से वापस लिए गए, छोड़े गए या विरोध किए गए ट्रेडमार्क आवेदनों का खुलासा न करने के लिए आलोचना की। इस गैर-प्रकटीकरण ने अल्केम को न्यायसंगत राहत पाने से अयोग्य ठहरा दिया। कोर्ट ने अल्केम के कॉपीराइट उल्लंघन के दावों को भी खारिज कर दिया। इसके परिणामस्वरूप, अल्केम के पक्ष में दी गई एकतरफा निषेधाज्ञा (ex parte injunction) को रद्द कर दिया गया, जिससे प्रेवेगो 'मल्टीवेन AZ' का विपणन जारी रख सके।