DHFL को Yes Bank केस में मिली राहत: कोर्ट ने कहा - IBC इम्युनिटी लागू

LAWCOURT
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
DHFL को Yes Bank केस में मिली राहत: कोर्ट ने कहा - IBC इम्युनिटी लागू
Overview

मुंबई की एक अदालत ने Yes Bank से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में Dewan Housing Finance Corporation Limited (DHFL) के खिलाफ कार्यवाही बंद कर दी है। कोर्ट का कहना है कि कंपनी का रिजॉल्यूशन प्लान मंज़ूर होने के बाद, इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) की धारा **32A** के तहत उसे छूट (immunity) मिलती है। हालांकि, कंपनी के पूर्व अधिकारी और निदेशक अभी भी जांच के दायरे में रहेंगे।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

कोर्ट का बड़ा फैसला: DHFL पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस बंद

मुंबई की एक सत्र अदालत ने Yes Bank के मनी लॉन्ड्रिंग केस में DHFL को बड़ी राहत दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कंपनी को इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) की धारा 32A के तहत सुरक्षा मिलेगी, क्योंकि DHFL का रिजॉल्यूशन प्लान मंज़ूर हो चुका है। यह धारा उन कंपनियों को सुरक्षा प्रदान करती है जो दिवालियापन प्रक्रिया से गुज़र रही हैं, ताकि वे पिछली देनदारियों से मुक्त होकर नए सिरे से शुरुआत कर सकें।

यह मामला Yes Bank के पूर्व MD और CEO राणा कपूर और DHFL के प्रमोटर्स कपिल व धीरज वाधवान के बीच कथित 'लेन-देन' (quid pro quo) से जुड़ा था। एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) का आरोप था कि Yes Bank ने अप्रैल से जून 2018 के बीच DHFL के डिबेंचर्स में ₹3,700 करोड़ का निवेश किया था। इसके बदले में, DHFL ने कथित तौर पर ₹600 करोड़ की राशि राणा कपूर से जुड़ी एक एंटिटी, DOIT Urban Ventures Pvt Ltd, को लोन के तौर पर ट्रांसफर कर दी थी। ED के अनुमान के मुताबिक, अपराध से हुई कमाई लगभग ₹5,050 करोड़ थी।

पूर्व अधिकारियों पर कार्रवाई जारी रहेगी

हालांकि, जज आर.बी. रोटे ने यह भी साफ किया कि DHFL, जिसने अपना कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) पूरा कर लिया है, उसे तो सुरक्षा मिल गई है, लेकिन इस कथित अपराध में शामिल इसके पूर्व अधिकारियों और निदेशकों की आपराधिक जवाबदेही बनी रहेगी। इसका मतलब है कि कपिल और धीरज वाधवान, साथ ही राणा कपूर और अन्य, अभी भी अपने-अपने हिस्सों के लिए मुकदमे का सामना करेंगे।

पिरिमाल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने DHFL का अधिग्रहण तब किया जब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 7 जून, 2021 को इसके रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दी। 3 नवंबर, 2021 से कंपनी का नाम आधिकारिक तौर पर DHFL से बदलकर पिरिमाल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल, 2025 को NCLT के फैसले को बरकरार रखते हुए वाधवान बंधुओं की याचिकाओं को खारिज कर दिया था।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.