चीन के एक कोर्ट ने शादी में हुई एक खतरनाक रस्म के चलते एक ब्राइड्समेड (दुल्हन की सहेली) को लगी गंभीर चोट के मामले में अनोखा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दूल्हा- |dulha|, दुल्हन और कुछ मेहमानों को **34,000 डॉलर** से ज़्यादा का हर्जाना देने का आदेश दिया है। यह मामला शादियों में निभाई जाने वाली खतरनाक रस्मों और उनसे जुड़े कानूनी जोखिमों को उजागर करता है।
Detailed Coverage
क्या हुआ था शादी में?
यह घटना पिछले साल अक्टूबर 2023 में हेनान प्रांत के रुयांग काउंटी पीपल्स कोर्ट में हुई। शादी के दौरान 'हुन नाओ' (hun nao) नामक एक रस्म निभाई जा रही थी, जो अपनी चंचल और कभी-कभी शोर-शराबे वाली हरकतों के लिए जानी जाती है। इसी रस्म के तहत, मेहमानों के एक समूह ने 20 साल की ब्राइड्समेड को चादर पर लिटाकर हवा में उछालने की कोशिश की। पहली बार तो वह सुरक्षित रही, लेकिन दूसरी बार उछालने पर वह ज़मीन पर गिर पड़ी, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर आ गया। डॉक्टर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित को 18 दिन अस्पताल में बिताना पड़ा और उसे ग्रेड 9 की विकलांगता से पीड़ित पाया गया।
कोर्ट का फैसला और हर्जाने का बँटवारा
कोर्ट ने इस घटना के लिए दूल्हा- |dulha| और दुल्हन को 40% यानी करीब 12,000 डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया है, क्योंकि वे कार्यक्रम के मुख्य आयोजक थे और उन्होंने इस खतरनाक हरकत को रोकने के लिए कुछ नहीं किया।
एक खास मेहमान, जिसे कोर्ट ने वांग मौबिंग (Wang Moubing) के नाम से पहचाना है, उस पर इस खतरनाक खेल को शुरू करने का आरोप था और उसे करीब 7,000 डॉलर देने को कहा गया है। बाकी बचे करीब 12,000 डॉलर की रकम आठ अन्य मेहमानों में बाँटी गई, जो इस हरकत में शामिल थे। कोर्ट ने यह भी पाया कि परिवार के सदस्यों द्वारा बार-बार चेतावनी देने के बावजूद यह हरकत जारी रखी गई थी।
शादी की रस्मों पर कानूनी नज़र
यह फैसला 'हुन नाओ' जैसी रस्मों पर बढ़ती कानूनी कार्रवाई का एक हिस्सा है। हालांकि इन रस्मों की जड़ें उत्सव और खुशनुमा माहौल बनाने की परंपराओं में हैं, लेकिन वे अक्सर खतरनाक शक्ल अख्तियार कर लेती हैं। पिछले कुछ सालों में चीन की अदालतों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहाँ ऐसी रस्मों के दौरान दुल्हन की सहेलियाँ और दूल्हे भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कानूनी जानकारों का कहना है कि व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी के बारे में जागरूकता बढ़ने के साथ, अगर मज़ाकिया रिवाज़ों से किसी को शारीरिक नुकसान होता है, तो लोगों को कानूनी मुकदमों का सामना करना पड़ सकता है। यह मामला साफ करता है कि किसी भी उत्सव के माहौल में हुई लापरवाही के लिए आयोजकों और सक्रिय रूप से शामिल लोगों को कानूनी रूप से ज़िम्मेदार ठहराया जा सकता है।
