TANGEDCO में घोटाला? मद्रास हाई कोर्ट का CBI जांच का आदेश, ₹397 करोड़ के टेंडर पर उठे सवाल

LAWCOURT
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
TANGEDCO में घोटाला? मद्रास हाई कोर्ट का CBI जांच का आदेश, ₹397 करोड़ के टेंडर पर उठे सवाल
Overview

मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन (TANGEDCO) के ट्रांसफार्मर खरीद टेंडर्स में कथित भ्रष्टाचार और गड़बड़ी की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को आदेश दिया है। यह जांच **₹1,183 करोड़** की खरीद पर **₹397 करोड़** के संभावित नुकसान से जुड़ी है, ऐसे समय में जब TANGEDCO पर **₹1.35 लाख करोड़** से अधिक का भारी कर्ज है।

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हाई कोर्ट का CBI जांच का आदेश

मद्रास हाई कोर्ट ने TANGEDCO में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर CBI से ताजा जांच कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने दो हफ्तों के भीतर डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन (DVAC) से सारे केस रिकॉर्ड CBI को ट्रांसफर करने को कहा है। यह फैसला एक जनहित याचिका (Public Interest Litigation) पर आया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि 2021 से 2023 के बीच ट्रांसफार्मर खरीद के लिए टेंडर्स में सुनियोजित तरीके से धांधली की गई। NGO Arappor Iyakkam ने दावा किया है कि दस में से कम से कम सात टेंडर्स में कई ठेकेदारों ने एक जैसी कीमतें बोलीं, जो तमिलनाडु पारदर्शिता अधिनियम (Tamil Nadu Transparency in Tenders Act) का उल्लंघन है।

टेंडर्स में कैसे हुई लाखों की हेराफेरी?

NGO की मानें तो टेंडर्स में कीमतों को काफी inflater (बढ़ा-चढ़ाकर) दिखाया गया। उदाहरण के लिए, एक 500 kVA ट्रांसफार्मर को बाजार मूल्य ₹7.89 लाख से काफी ऊपर, करीब ₹12.49 लाख में खरीदा गया। इन कथित गड़बड़ियों से राज्य के खजाने को ₹1,183 करोड़ की कुल खरीद पर लगभग ₹397 करोड़ का नुकसान हुआ हो सकता है, जिसमें करीब 45,800 ट्रांसफार्मर शामिल थे।

TANGEDCO पर भारी कर्ज का बोझ

यह जांच ऐसे समय में हो रही है जब सरकारी बिजली कंपनी TANGEDCO भारी वित्तीय संकट से गुजर रही है। कंपनी पर ₹1.35 लाख करोड़ से अधिक का भारी-भरकम कर्ज है, जो तमिलनाडु के सभी PSU (Public Sector Undertakings) के कुल कर्ज का 75% है। पिछले एक दशक में इसका कर्ज तीन गुना बढ़ गया है, जो राज्य की वित्तीय सेहत पर सवाल खड़े करता है। ऑडिटर (CAG सहित) भी लगातार लागतों की वसूली न होने और नए प्रोजेक्ट्स पर अत्यधिक खर्च जैसी वित्तीय समस्याओं को उजागर करते रहे हैं।

खरीद में भ्रष्टाचार का गहरा असर

TANGEDCO की खरीद प्रक्रियाओं में बार-बार सामने आ रहे भ्रष्टाचार के आरोप कंपनी के गहरे वित्तीय संकट को और बढ़ा रहे हैं। लागतों को inflater करके और मिलीभगत वाले बिडर्स को फायदा पहुंचाकर, यह पैसा उन फंड्स को डायवर्ट कर रहा है जिनका इस्तेमाल जरूरी अपग्रेडेशन, कर्ज चुकाने या एफिशिएंसी सुधारने में किया जा सकता था। इससे TANGEDCO की वित्तीय स्थिति और खराब हो जाती है। पारदर्शी प्रक्रिया की कमी, जैसा कि एक जैसी बोलियों से पता चलता है, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचाती है। ऐसे महत्वपूर्ण सेक्टर्स में भ्रष्टाचार की धारणा निवेशकों को हतोत्साहित कर सकती है, खासकर जब भारत को अपने पावर इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश की जरूरत है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.