CBI ने स्पेशल कोर्ट को बताया कि महाराष्ट्र के लातूर के एक कोचिंग सेंटर के मालिक पर NEET 2026 केमिस्ट्री के पेपर से ₹5 लाख की रिश्वत लेकर लीक करने का आरोप है। इस मामले में 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और परीक्षा भी रद्द कर दी गई थी।
NEET 2026 पेपर लीक: CBI का बड़ा खुलासा
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने NEET (UG) 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले में एक बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने स्पेशल कोर्ट में पेश किए नए सबूतों में बताया है कि महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक कोचिंग सेंटर के मालिक, शिवराज रघुनाथ मोंटेगांवकर, पर आरोप है कि उसने परीक्षा से पहले केमिस्ट्री के प्रश्नपत्र हासिल करने के लिए ₹5 लाख की रिश्वत दी थी।
सबूत और जांच की कहानी
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन मिला है जिसमें 36 इमेज में केमिस्ट्री के 132 सवाल थे। फोरेंसिक जांच में पता चला कि इनमें से 111 सवाल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई को हुई परीक्षा के ऑफिशियल मास्टर सेट से मिलते हैं। डिजिटल फाइलों से मिले मेटाडेटा से यह भी पता चला है कि ये सवाल परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ही फोटो कर लिए गए थे।
CBI का आरोप है कि ये सवाल NTA पैनल के सदस्य PV कुलकर्णी के जरिये लीक हुए थे। एजेंसी का दावा है कि इन सवालों के आधार पर कुलकर्णी के कोचिंग सेंटर में हैंड-रिटन नोट्स तैयार किए गए थे, जहां आरोपी का बेटा भी छात्र था। सह-आरोपी मनोज भगवानराव शिरुरे से मिली जानकारी के बाद रिश्वत की रकम बरामद की गई थी।
परीक्षा की अखंडता पर असर और कानूनी कार्रवाई
पेपर लीक के आरोपों के बाद, 3 मई को हुई NEET (UG) 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। चिकित्सा प्रवेश के लिए चयन प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने के लिए 21 जून को पुनः परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस मामले में अब तक CBI 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जो सभी न्यायिक हिरासत में हैं।
इस मामले में आगे की जांच NTA के प्रशासनिक और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर भी सवाल उठाती है। हालांकि दोबारा परीक्षा हो चुकी है, लेकिन साजिश और पैनल सदस्यों की संलिप्तता से जुड़े कानूनी मामले अभी जारी हैं।
