CBDT का नया दांव: सर्च के बाद 'ब्लॉक असेसमेंट' के लिए ITR-BN फॉर्म जारी

LAWCOURT
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
CBDT का नया दांव: सर्च के बाद 'ब्लॉक असेसमेंट' के लिए ITR-BN फॉर्म जारी

CBDT ने सर्च और सीजर के बाद ब्लॉक असेसमेंट से गुजरने वाले टैक्सपेयर्स के लिए ITR-BN फॉर्म लॉन्च किया है। यह फॉर्म 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और जांच से जुड़े मामलों में छुपी हुई आय और टैक्स देनदारी का खुलासा करने के लिए है।

Detailed Coverage

'ब्लॉक असेसमेंट' के लिए नया ITR-BN फॉर्म

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने एक नए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म, ITR-BN को अधिसूचित किया है। यह खास तौर पर उन टैक्सपेयर्स के लिए बनाया गया है जो सर्च और सीजर की कार्रवाई या इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 के तहत की गई अन्य कार्रवाइयों के बाद 'ब्लॉक असेसमेंट' प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।

छुपी हुई आय का खुलासा

अब तक, ऐसे मामलों में सामान्य ITR फॉर्म का इस्तेमाल होता था। लेकिन ITR-BN फॉर्म जांच से जुड़े मामलों में छुपी हुई आय और टैक्स देनदारी का खुलासा करने के लिए एक समर्पित चैनल का काम करेगा। यह फॉर्म टैक्सपेयर्स को ब्लॉक पीरियड (आमतौर पर पिछले छह साल) के दौरान पाई गई अघोषित आय का विवरण देने के लिए कहता है। इसमें सैलरी, बिजनेस इनकम, हाउस प्रॉपर्टी और कैपिटल गेन्स जैसी आय के विभिन्न स्रोतों का विस्तृत ब्यौरा देना होगा।

संपत्ति और खर्चों का पूरा हिसाब

सिर्फ आय ही नहीं, यह फॉर्म संपत्ति के बारे में भी खास खुलासे की मांग करता है। टैक्सपेयर्स को बुलियन, ज्वैलरी, कैश और वर्चुअल डिजिटल एसेट्स जैसी संपत्तियों की अलग-अलग जानकारी देनी होगी। साथ ही, ऐसे खर्चों का भी हिसाब देना होगा जिनकी कोई वजह नहीं बताई गई है, गलत क्लेम किए गए हैं, या जिनका स्रोत अज्ञात है। इस तरह के ब्यौरे को अलग-अलग करके, टैक्स डिपार्टमेंट का मकसद जटिल मामलों में टैक्स देनदारी का मिलान आसान बनाना है।

अनिवार्य फाइलिंग और ज़रूरी जानकारी

यह फाइलिंग उन व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए अनिवार्य होगी जो इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 247 के तहत सर्च या धारा 248 के तहत अन्य कार्रवाइयों का सामना कर रहे हैं। वित्तीय डेटा के साथ, फॉर्म में PAN, आधार और निवास की स्थिति जैसी व्यापक व्यक्तिगत जानकारी भी मांगी गई है। टैक्सपेयर्स को ब्लॉक पीरियड के लिए पहले फाइल किए गए रिटर्न्स का इतिहास भी बताना होगा, जिसमें किसी भी लंबित टैक्स कार्यवाही की स्थिति भी शामिल है।

टैक्स देनदारी और अनुपालन

ITR-BN फॉर्म का एक महत्वपूर्ण हिस्सा छुपी हुई आय पर टैक्स देनदारी की गणना है। इसमें लागू सरचार्ज, ब्याज और सेस को शामिल करने के लिए विशेष सेक्शन दिए गए हैं। यह टैक्सपेयर्स को पहले से भुगतान किए गए टैक्स, जैसे एडवांस टैक्स, सेल्फ-असेसमेंट टैक्स, और TDS/TCS (जिन्हें मूल फाइलिंग में क्लेम नहीं किया गया था) का क्रेडिट लेने की भी सुविधा देता है।

CBDT ने स्पष्ट किया है कि ITR-BN का लक्ष्य सर्च के बाद अनुपालन को सुव्यवस्थित करना है। यह फॉर्म विशेष रूप से ब्लॉक असेसमेंट की प्रकृति के अनुरूप है, जिससे रिपोर्टिंग में अस्पष्टता कम होने की उम्मीद है। निवेशकों और व्यवसाय मालिकों को ध्यान देना चाहिए कि यह नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हैं और मुख्य फोकस इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 के प्रावधानों के साथ रिपोर्टिंग मानकों को संरेखित करना है। प्रभावित टैक्सपेयर्स के लिए अगला कदम यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी अघोषित संपत्ति के खुलासे और टैक्स गणना को इस नए प्रारूप के भीतर सटीकता से मिला लिया जाए ताकि आगे किसी जांच से बचा जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.