कोर्ट का बड़ा फैसला, Tata Sons को मिली राहत
बॉम्बे हाई कोर्ट ने Tata Sons के मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए, ₹1,524 करोड़ के GST डिमांड नोटिस को खारिज कर दिया है। कोर्ट का मानना है कि जब किसी आर्बिट्रेशन अवॉर्ड (Arbitration Award) के सेटलमेंट के लिए भुगतान किया जाता है और यह भुगतान किसी कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए होता है, न कि किसी विशिष्ट सेवा (Service) के बदले, तो इसे 'सर्विस सप्लाई' मानकर उस पर GST लगाना सही नहीं है। यह फैसला Tata Sons को बड़ी राहत देने के साथ-साथ भारत की कई अन्य कंपनियों के लिए भी एक मिसाल कायम करेगा जो ऐसे विवादों का सामना करती हैं।
टैक्स अथॉरिटी की दलील और कोर्ट का जवाब
टैक्स अथॉरिटीज ने NTT Docomo के साथ हुए समझौते का हवाला देते हुए इस भुगतान को टैक्सेबल (Taxable) बताने की कोशिश की थी। उनका तर्क था कि Docomo ने केस वापस लेने पर सहमति जताई थी, जिसे वे 'किसी कार्य को सहन करना' (Tolerating an act) मानकर GST के दायरे में ला रहे थे। लेकिन हाई कोर्ट ने इस तर्क को 'बेतुका' (Absurd) करार दिया और कहा कि यह भुगतान किसी सेवा के बदले नहीं, बल्कि एक सुलझे हुए अवॉर्ड (Award) का नतीजा था।
कोर्ट ने Central GST Act की 'सप्लाई' (Supply) की परिभाषा पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि 'किसी कार्य को न करने या किसी कार्य या स्थिति को सहन करने' को टैक्सेबल सर्विस तभी माना जा सकता है जब इसके लिए एक अलग से एग्रीमेंट (Agreement) हो। सिर्फ़ कोर्ट के फैसले का पालन करने या अवॉर्ड सेटल करने के लिए दिए गए पैसे को इस श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने इस तरह के टैक्स अथॉरिटीज के ब्रॉड इंटरप्रिटेशन (Broad Interpretation) पर हैरानी भी जताई।
टैक्स विभाग का आक्रामक रवैया
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस (DGGI) ने इस ₹1,524 करोड़ की डिमांड के लिए काफी आक्रामक रवैया अपनाया था। अक्सर टैक्स बेस (Tax Base) बढ़ाने के लिए, विभाग ट्रांजैक्शन्स (Transactions) को नए सिरे से क्लासिफाई (Classify) करने की कोशिश करता है। हालांकि, इस बार हाई कोर्ट ने टैक्स विभाग के नजरिए को सिरे से खारिज कर दिया।
यह फैसला उन कंपनियों के लिए बड़ी संजीवनी है जिन्हें आर्बिट्रेशन सेटलमेंट, पेनल्टी या कंपेनसेशन (Compensation) के भुगतान पर GST नोटिस मिले हैं। यह स्पष्ट करता है कि लीगल अवॉर्ड (Legal Award) और कमर्शियल सर्विस ट्रांजैक्शन (Commercial Service Transaction) के बीच एक स्पष्ट अंतर है।
