बेंगलुरु में एक 19 साल के छात्र ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उसका चोरी हुआ iPhone वापस दिलाने के बदले रिश्वत मांगी। यह घटना तब हुई जब चोरी हुए फोन को इंदिरा नगर से ट्रैक किया गया, जिससे शहर में पुलिस के व्यवहार और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए हैं।
चोरी का iPhone और पुलिस पर रिश्वत के आरोप
बेंगलुरु में एक सामान्य चोरी का मामला अब स्थानीय पुलिस के लिए बड़ी मुसीबत बनता दिख रहा है। एक 19 साल के छात्र, जिसका नाम ध्रुव है, ने दावा किया है कि पुलिस अधिकारियों ने उसका नया iPhone 17 लौटाने के बदले उससे रिश्वत मांगी। यह घटना तब शुरू हुई जब छात्र का फोन कोरमंगला हॉस्टल के एक वर्कस्पेस से चोरी हो गया था।
डिजिटल ट्रैकिंग और बरामदगी
छात्र ने अपने स्मार्टफोन की ट्रैकिंग सुविधा का इस्तेमाल करते हुए फोन को करीब 7 किलोमीटर दूर इंदिरा नगर में ट्रैक कर लिया। इसके बाद पुलिस को इस मामले में शामिल किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, फोन एक ऐसे व्यक्ति के पास से बरामद हुआ, जिसने खुद को IIT कानपुर और IIM अहमदाबाद का पूर्व छात्र बताया और Peak XV नामक एक इन्वेस्टमेंट फर्म में कार्यरत है। छात्र के अनुसार, उस व्यक्ति ने दावा किया कि नशे की हालत में गलती से उसने फोन उठा लिया था।
रिश्वत का आरोप और जन प्रतिक्रिया
हालांकि, मामला तब गंभीर हो गया जब छात्र ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने फोन की औपचारिक बरामदगी प्रक्रिया पूरी करने के बदले पैसों की मांग की। छात्र का कहना है कि वह उस समय मांगी गई राशि नहीं दे सका और उसके बाद से पुलिस की ओर से कोई संपर्क नहीं किया गया।
इस घटना ने सोशल मीडिया पर काफी ध्यान खींचा है, जिससे बेंगलुरु में चोरी का सामान बरामद करने की प्रक्रिया और पुलिस की जवाबदेही को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। छात्र के दावों ने लोगों में गुस्सा बढ़ाया है, और यह मामला कानून प्रवर्तन एजेंसियों पर पड़ने वाले दबाव को भी उजागर करता है। फिलहाल, इन आरोपों की जांच सार्वजनिक चर्चा के स्तर पर है, और बेंगलुरु पुलिस विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों के आचरण के संबंध में कोई आधिकारिक बयान या आंतरिक जांच शुरू किए जाने पर ही आगे की स्पष्टता मिल पाएगी।
