एक अमेरिकी जज ने Apple के खिलाफ iCloud पर बाल शोषण सामग्री से जुड़े 32.8 अरब डॉलर के क्लास-एक्शन मुकदमे को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने माना कि Apple, कम्युनिकेशंस डेसेंसी एक्ट की धारा 230 के तहत सुरक्षित है, जो टेक कंपनियों को यूजर-जनरेटेड कंटेंट के लिए देनदारी से बचाती है। वादी अपील पर विचार कर रहे हैं, जबकि Apple को अपनी प्राइवेसी और सिक्योरिटी पॉलिसी को लेकर अन्य कानूनी जांचों का सामना करना पड़ रहा है।
Apple को मिली बड़ी राहत, $32.8 अरब का केस खारिज
एक अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने Apple Inc. के खिलाफ दायर किए गए क्लास-एक्शन मुकदमे को खारिज कर दिया है, जिसमें कंपनी से $32.8 अरब तक के हर्जाने की मांग की गई थी। वादी का आरोप था कि Apple ने अपने iCloud सर्विस पर बाल यौन शोषण सामग्री (child sexual abuse material) के भंडारण और साझाकरण को रोकने में लापरवाही बरती है।
सेक्शन 230 का मिला सहारा
अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज नोएल वाइस (Noel Wise) ने अपने फैसले में कहा कि Apple, कम्युनिकेशंस डेसेंसी एक्ट (Communications Decency Act) की धारा 230 के तहत सुरक्षित है। यह एक महत्वपूर्ण संघीय कानून है जो ऑनलाइन सेवा प्रदाताओं को यूजर्स द्वारा जेनरेट या अपलोड की गई सामग्री के लिए कानूनी देनदारी से बचाता है।
कोर्ट का तर्क
जज वाइस ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा संघीय कानून के तहत Apple पर यह बाध्यता नहीं है कि वह अपनी क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर अवैध सामग्री की पहचान और रिपोर्ट करने के लिए किसी विशेष तकनीक का सक्रिय रूप से उपयोग करे या उसे विकसित करे। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि यदि डिजिटल शोषण से निपटने के लिए अतिरिक्त नियामक आवश्यकताओं की आवश्यकता है, तो यह जिम्मेदारी विधायी शाखा (legislative branch) की है, न कि न्यायिक प्रणाली (judicial system) की। चूंकि जज ने मामले को 'प्रेसिडिस' (with prejudice) के साथ खारिज कर दिया है, इसलिए वादी उसी मुकदमे को उस अदालत में फिर से दायर नहीं कर सकते।
केस का बैकग्राउंड
यह कानूनी विवाद 2024 में शुरू हुआ था, जिसमें हजारों वादी शामिल थे। उनका दावा था कि उनके बचपन के शोषण की इमेजरी iCloud के माध्यम से उपलब्ध और शेयर करने योग्य बनी रही। मामले का एक मुख्य बिंदु Apple की 2021 की घोषणा थी, जिसमें उसने 'NeuralHash' नामक एक स्कैनिंग प्रोग्राम की योजना बनाई थी, जिसे कंपनी ने बाद में 2022 में लागू न करने का फैसला किया। वादी का तर्क था कि इस टूल को छोड़ने और iCloud डेटा के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (end-to-end encryption) के विस्तार ने अवैध सामग्री का पता लगाने की कंपनी की क्षमता को कम कर दिया।
Apple ने लगातार अपने कोर्ट फाइलिंग में कहा है कि वह यूजर सुरक्षा और प्राइवेसी को प्राथमिकता देता है। कंपनी का कहना है कि वह अवैध सामग्री से निपटने के लिए वैकल्पिक तरीकों का उपयोग करती है जो उसके वैश्विक यूजर बेस को प्रदान किए जाने वाले एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन मानकों से समझौता नहीं करते हैं।
जारी कानूनी चुनौतियाँ
हालांकि यह विशेष क्लास-एक्शन सूट खारिज कर दिया गया है, लेकिन कानूनी विश्लेषकों का कहना है कि Apple को अपने प्लेटफॉर्म नीतियों से संबंधित कई अन्य मुकदमों का प्रबंधन करना जारी रखना होगा। उदाहरण के लिए, वेस्ट वर्जीनिया के अटॉर्नी जनरल ने इसी तरह की कानूनी कार्रवाई की है, जो उपभोक्ता गोपनीयता, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और यूजर-जनरेटेड सामग्री की निगरानी में प्रौद्योगिकी प्लेटफार्मों की जिम्मेदारियों के बीच चल रहे तनाव को उजागर करती है।
वादियों की कानूनी टीम ने कहा है कि इस फैसले के खिलाफ अपील पर विचार किया जा रहा है। निवेशकों को इन कानूनी दबावों के विकसित होने की निगरानी जारी रखनी चाहिए, क्योंकि धारा 230 के संबंध में भविष्य के फैसले या विधायी परिवर्तन, प्रमुख प्रौद्योगिकी प्लेटफार्मों द्वारा डेटा गोपनीयता और सामग्री मॉडरेशन टूल के प्रबंधन को संभावित रूप से प्रभावित कर सकते हैं।
