ट्रिब्यूनल ने Adani के JAL अधिग्रहण प्लान को दी मंजूरी
यह फैसला भारत की इंसॉल्वेंसी (insolvency) प्रक्रिया में एक बड़ा मोड़ है। NCLAT ने Vedanta की याचिका को स्वीकार न करते हुए Adani Enterprises के अधिग्रहण प्लान को मंजूरी दी है। ट्रिब्यूनल ने माना कि लेनदारों की समिति (CoC) का फैसला सही था, जिसने Adani के प्लान को चुना, जो तेजी से समाधान (resolution) पर केंद्रित है।
बोलियों का विवरण और फैसला
NCLAT ने Vedanta की चुनौती को खारिज करते हुए Adani Enterprises द्वारा JAL के अधिग्रहण की पुष्टि की। tribunal को Adani के प्लान को रिजेक्ट करने का कोई कारण नहीं मिला, जिसे CoC का समर्थन हासिल था। NCLT की मंजूरी के समय Adani की बोली का मूल्य लगभग ₹14,535 करोड़ था। Adani ने ₹6,000 करोड़ का बड़ा अपफ्रंट (upfront) पेमेंट और बाकी रकम के लिए 2 साल की सेटलमेंट योजना पेश की थी।
दूसरी ओर, Vedanta ने ₹500 करोड़ अधिक नेट प्रेजेंट वैल्यू (Net Present Value - NPV) और ₹3,400 करोड़ तक की अधिक ग्रॉस वैल्यू (gross value) का दावा किया था। हालांकि, Vedanta की योजना में भुगतान की अवधि 5 साल तक लंबी थी।
लेनदारों की पसंद और इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया
NCLAT ने CoC के इस नजरिए का समर्थन किया कि Adani का प्लान ज्यादा निश्चित और तेज समाधान प्रदान करता है। यह फैसला इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत लेनदारों की समिति के निर्णय लेने की शक्ति को मजबूत करता है। IBC का लक्ष्य वैल्यू को अधिकतम करना है, लेकिन हकीकत में समाधान में देरी आम बात है, जो औसतन 683 दिनों से अधिक हो जाती है।
CoC द्वारा Adani के प्लान को प्राथमिकता देना, भले ही NPV थोड़ी कम हो, तत्काल रिकवरी और संपत्ति के और अधिक नुकसान को कम करने की प्राथमिकता को दर्शाता है।
4 मई, 2026 तक, Adani Enterprises (ADANIENT) के शेयर ₹2,420-₹2,450 के बीच कारोबार कर रहे थे, जबकि Vedanta (VEDL) के शेयर ₹270-₹290 के करीब थे।
Adani Enterprises का मार्केट कैप ₹3.12-₹3.15 ट्रिलियन और P/E 22x-34x है। Vedanta का मार्केट कैप ₹1.06 ट्रिलियन और P/E 4x-7.6x है।
Adani के सामने चुनौतियां
जीत के बावजूद, Adani Enterprises को JAL की संपत्तियों को एकीकृत (integrate) करने में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। JAL के पास सीमेंट, रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी जैसे व्यवसायों का एक जटिल पोर्टफोलियो है, जो ऐतिहासिक रूप से घाटे में चल रहे हैं और इन पर भारी कर्ज है। इन व्यवसायों को सफल बनाने के लिए बड़े निवेश और रणनीतिक कौशल की आवश्यकता होगी।
Vedanta द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक में कानूनी चुनौतियां जारी रखने से विवाद बढ़ने की आशंका है। कंपनी ने सवाल उठाया है कि लेनदारों ने बोलियों का मूल्यांकन कैसे किया, और यह सुझाव दिया है कि उसकी ऊंची पेशकश को अनदेखा किया गया हो। JAL के स्वीकार किए गए दावे ₹57,000 करोड़ से अधिक हैं, जिससे सभी के लिए वैल्यू को अधिकतम करना मुश्किल हो सकता है।
आगे का रास्ता
Adani Group JAL के सीमेंट प्लांट, पावर यूनिट्स और दिल्ली-NCR क्षेत्र में जमीन जैसी संपत्तियों को अपने मौजूदा पावर और रियल एस्टेट व्यवसायों में एकीकृत करने की योजना बना रहा है। विश्लेषक Adani Enterprises के प्रति सकारात्मक हैं, कई 'BUY' रेटिंग और ₹2,600-₹2,750 के प्राइस टारगेट के साथ। Vedanta के लिए, यह परिणाम उच्च-दांव वाली इंसॉल्वेंसी बोलियों की कठिनाइयों को उजागर करता है। भारत की इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए हालिया IBC बदलावों का पूरा असर अभी भी अनिश्चित है।
