Adani Group: अमेरिकी SEC से बड़ी लड़ाई! क्या भारत के ऑफशोर सौदों पर US कानून लागू होगा?

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AuthorNeha Patil|Published at:
Adani Group: अमेरिकी SEC से बड़ी लड़ाई! क्या भारत के ऑफशोर सौदों पर US कानून लागू होगा?
Overview

Adani Group के वरिष्ठ अधिकारी गौतम अडानी और सागर अडानी, अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) द्वारा दायर धोखाधड़ी के मुकदमे को चुनौती दे रहे हैं। उनकी मुख्य दलील अमेरिकी अदालत के अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) पर सवाल उठाना और यह कहना है कि यह मामला कानून के अनुचित एक्सट्रा-टेरिटोरियल एप्लीकेशन से जुड़ा है।

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यह कानूनी जंग Adani Group के संस्थापक गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी द्वारा अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के सिक्योरिटीज फ्रॉड (Securities Fraud) के मुकदमे को खारिज कराने के प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले में अमेरिकी जिला अदालत में अपनी दलील पेश की है, जिसमें दो मुख्य बातें उठाई गई हैं: अदालत का प्रतिवादियों पर व्यक्तिगत अधिकार क्षेत्र (Personal Jurisdiction) नहीं है, और SEC के दावे अमेरिकी कानून को उसकी सीमाओं से परे अनुचित रूप से विस्तारित कर रहे हैं। यह कानूनी कदम SEC के उन सौदों को रेगुलेट करने के अधिकार पर सवाल उठाता है जो पूरी तरह से अमेरिका के बाहर हुए हैं।

SEC के आरोप 2021 में Adani Green Energy Ltd (AGEL) द्वारा किए गए $750 मिलियन के बॉन्ड ऑफरिंग (Bond Offering) से जुड़े हैं। SEC का दावा है कि अडानी अधिकारियों ने कथित तौर पर भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की योजना का खुलासा नहीं करके निवेशकों को गुमराह किया, जिसने इस बॉन्ड ऑफरिंग का समर्थन किया। हालांकि, अडानी की बचाव टीम इस तरह की किसी भी योजना या बॉन्ड ऑफरिंग में किसी भी संलिप्तता से कड़ाई से इनकार करती है। वे कहते हैं कि सिक्योरिटीज को गैर-अमेरिकी अंडरराइटर्स (Underwriters) द्वारा ऑफशोर बेचा गया था और बाद में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) को बेचा गया। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे बताते हैं कि SEC ने किसी भी निवेशक के नुकसान का आरोप नहीं लगाया है। ये बॉन्ड अब मैच्योर हो गए हैं और 2024 में ब्याज सहित पूरी तरह से चुका दिए गए हैं। अमेरिकी निवेशकों को हुए वित्तीय नुकसान का कोई सबूत नहीं होना, उनके चैलेंज का एक अहम हिस्सा है।

Adanis की कानूनी रणनीति अमेरिकी सिक्योरिटीज कानून के प्रवर्तन (Enforcement) पर एक सख्त सीमा लगाने की मांग करती है। उनका तर्क है कि अमेरिका के बाहर पूरी तरह से हुए आचरण को, किसी घरेलू सौदे से स्पष्ट लिंक के बिना, इसके नियमों के अधीन नहीं होना चाहिए। यह दृष्टिकोण SEC की वैश्विक स्तर पर अपनी नियामक शक्ति को लागू करने की क्षमता को चुनौती देता है और एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम कर सकता है।

अगर Adani का बचाव अधिकार क्षेत्र के आधार पर सफल होता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को उनकी ऑफशोर गतिविधियों पर SEC के ओवरसाइट (Oversight) को चुनौती देने की अनुमति दे सकता है। इससे प्रवर्तन (Enforcement) जटिल हो जाएगा और नियामक की वैश्विक पहुंच कमजोर हो सकती है।

Adani Group पहले से ही वैश्विक जांच के दायरे में है, और यह कानूनी लड़ाई इसमें और इजाफा करती है। जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद समूह को बड़े बाजार झटके लगे थे, जिसमें स्टॉक हेरफेर (Stock Manipulation) और लेखांकन धोखाधड़ी (Accounting Fraud) के आरोप लगाए गए थे। हाल ही में, जनवरी 2026 में, SEC द्वारा गौतम और सागर अडानी पर कानूनी सम्मन (Legal Summons) तामील करने के वैकल्पिक तरीकों की तलाश की खबरों के बाद Adani Group के शेयरों में लगभग ₹1.4 लाख करोड़ की गिरावट आई थी। हालांकि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने हाल ही में एक सौर टेंडर मामले में Adani Group की संस्थाओं के खिलाफ प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं के आरोपों को खारिज कर दिया है, यह बताते हुए कि समूह NTPC और Tata Power जैसे प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में प्रमुख नहीं है, अमेरिकी कानूनी कार्यवाही एक अलग और महत्वपूर्ण चुनौती पेश करती है।

इस बीच, विश्लेषकों की राय Adani Enterprises पर मिली-जुली है, लेकिन सतर्कता के साथ सकारात्मकता की ओर झुकी हुई है। उदाहरण के लिए, Jefferies ने ₹2,600 के प्राइस टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है, जिसमें FY27 को विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों (जैसे एयरपोर्ट और सोलर विस्तार) से होने वाले योगदान से एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, यह दृष्टिकोण निकट अवधि के दबावों से थोड़ा प्रभावित है, जैसे कि धीमा एयरपोर्ट ट्रैफिक और नए वेंचर में धीमी गति।

Adani Enterprises का P/E रेश्यो लगभग 20.42 है, और इसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) ₹2.79 लाख करोड़ से अधिक है। स्टॉक का प्रदर्शन संभवतः SEC मुकदमे के विकास, इसके मुख्य व्यावसायिक संचालन और व्यापक बाजार स्थितियों के प्रति संवेदनशील रहेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.