Exide Share Price: टैक्स कटौती का कमाल! घरेलू मांग से **5%** बढ़ा मुनाफा, शेयर में दिखी मामूली तेजी
Overview
Exide Industries ने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के मुनाफे में **5%** की बढ़ोतरी हुई है, जो कि **₹258 करोड़** रहा। इस उछाल का मुख्य कारण भारत में टैक्स में कटौती के बाद ऑटोमोबाइल सेक्टर की बढ़ी हुई मांग और रिकॉर्ड खुदरा बैटरी बिक्री है।
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टैक्स कटौती और डोमेस्टिक डिमांड का असर
भारत सरकार द्वारा सितंबर 2025 के अंत में लागू की गई टैक्स कटौती ने ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए एक बड़े बूस्टर का काम किया है। इसके चलते तीसरी तिमाही में गाड़ियों की बिक्री में 18% का जोरदार उछाल देखा गया। Exide Industries के लिए, यह सीधे तौर पर ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) को होने वाली बिक्री में 25% की बढ़ोतरी के रूप में सामने आया। खास तौर पर बैटरियों पर टैक्स की दर 28% से घटाकर 18% करने से ये ज़रूरी कंपोनेंट्स ग्राहकों के लिए ज़्यादा किफायती हो गए, जिसने कंपनी के घरेलू प्रदर्शन को मजबूत किया।
रिटेल में रिकॉर्ड बिक्री और OEM की मजबूती
Exide Industries का बिजनेस मॉडल अपनी मजबूत रिटेल मौजूदगी से काफी फायदा उठाता है। कंपनी की लगभग तीन-चौथाई आय नॉन-इंस्टीट्यूशनल और रिटेल ग्राहकों से आती है, जिसमें अनइंटरप्टिबल पावर सप्लाई (UPS) यूनिट्स की बिक्री भी शामिल है। इस तिमाही में, दोपहिया और चार पहिया वाहनों की बैटरियों की रिटेल बिक्री ने रिकॉर्ड स्तर छुआ। वहीं, बाकी एक-चौथाई आय, जो सीधे कार निर्माताओं और औद्योगिक ग्राहकों से आती है, उसमें भी 25% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹27,255 करोड़ है, और इसका ट्रेलिंग बारह महीने का P/E रेश्यो करीब 34 है।
एक्सपोर्ट में चुनौतियाँ बनी रहीं
घरेलू बाजार में शानदार प्रदर्शन के बावजूद, Exide Industries की कुल ग्रोथ पर विदेशी बाजारों में कमजोरी का असर भी दिखा। कंपनी ने 'टैरिफ से जुड़ी चुनौतियों' को अंतर्राष्ट्रीय बिक्री में विस्तार में मुख्य बाधा बताया है। यह स्थिति घरेलू बाजार की तेजी के बिल्कुल विपरीत है और यह दर्शाती है कि वैश्विक व्यापार की अनिश्चितताएं Exide की आय और मुनाफे पर दबाव बनाए हुए हैं।
वित्तीय प्रदर्शन और बाजार की प्रतिक्रिया
अक्टूबर-दिसंबर 2025 की अवधि के लिए, Exide Industries ने ₹258 करोड़ का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹245 करोड़ से थोड़ा अधिक है। कुल खर्चों में 4.5% की वृद्धि देखी गई, जिसमें कच्चे माल की लागत में करीब 14% की भारी बढ़ोतरी का असर भी शामिल था। नतीजों के बाद शेयर बाजार की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही, शेयर लगभग 0.7% चढ़े। यह दर्शाता है कि निवेशकों ने घरेलू मांग में वृद्धि को तो सराहा है, लेकिन निर्यात की चुनौतियां और बढ़ती लागतें प्रमुख चिंताएं बनी हुई हैं।
आगे की राह और प्रतिस्पर्धा
हालिया विश्लेषण से पता चलता है कि मार्च 2025 में समाप्त हो रहे फाइनेंशियल ईयर के लिए लाभ में कुछ कमी आ सकती है, हालांकि आय में वृद्धि हुई है। कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो भी बढ़ा हुआ है, जिससे सतर्कता का माहौल बना हुआ है। Exide को Amara Raja Energy & Mobility और Bosch जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी अपने लिथियम-आयन सेल प्रोजेक्ट पर भी काम कर रही है, जिसके उत्पादन से FY26 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है।