PM मोदी ने रखी 'टीम इंडिया' की तरह एकजुटता की बात
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया के अस्थिर हालात पर लगातार नज़र रखने की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की एक इंटर-मिनिस्टीरियल ग्रुप (Inter-ministerial Group) रोज़ाना की स्थिति पर नज़र रख रही है और आर्थिक व व्यापारिक स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और नागरिकों के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
राज्यों को मिले अहम निर्देश
उन्होंने राज्यों से सप्लाई चेन में रुकावटों के खिलाफ तुरंत एक्शन लेने और जमाखोरी (hoarding) व मुनाफाखोरी (profiteering) के खिलाफ सख़्त कदम उठाने का आग्रह किया। राज्यों को कंट्रोल रूम सक्रिय करने और किसी भी तरह की कमी या अचानक कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई। खासकर, खरीफ बुवाई के मौसम से पहले खाद (fertilizer) की उपलब्धता और वितरण पर बारीकी से नज़र रखने पर ज़ोर दिया गया।
गलत सूचनाओं से लड़ने और सीमाओं की सुरक्षा
प्रधानमंत्री ने गलत सूचनाओं और अफवाहों को फैलने से रोकने की चेतावनी दी और घबराहट से बचने के लिए सटीक व समय पर जानकारी साझा करने की बात कही। सीमावर्ती (border) और तटीय (coastal) राज्यों को विशेष रूप से शिपिंग, ज़रूरी सप्लाई और समुद्री गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के लिए कहा गया।
COVID-19 जैसी एकजुटता की ज़रूरत
मोदी ने COVID-19 महामारी के दौरान केंद्र और राज्यों के सफल तालमेल का ज़िक्र करते हुए कहा कि आज भी वैसी ही 'टीम इंडिया' की एकजुटता बेहद ज़रूरी है। इसके जवाब में, मुख्यमंत्रियों ने अपने राज्यों में पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी (LPG) की स्थिर उपलब्धता की जानकारी दी और सरकार द्वारा किए गए एक्साइज़ ड्यूटी (excise duty) में कटौती जैसे हालिया उपायों का स्वागत किया। राज्यों ने इस बदलते भू-राजनीतिक माहौल (geopolitical landscape) से निपटने में पूरा सहयोग करने का वादा किया और वैश्विक ऊर्जा व सप्लाई चेन पर मंडरा रहे जोखिमों को स्वीकार किया।