WTO का बड़ा अलर्ट: 2026 में धीमी होगी वैश्विक व्यापार की रफ्तार, वेस्ट एशिया का बढ़ा खतरा

ECONOMY
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AuthorAditya Rao|Published at:
WTO का बड़ा अलर्ट: 2026 में धीमी होगी वैश्विक व्यापार की रफ्तार, वेस्ट एशिया का बढ़ा खतरा
Overview

वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) का अनुमान है कि 2026 तक ग्लोबल मर्चेंडाइज ट्रेड वॉल्यूम ग्रोथ घटकर **1.9%** रह सकती है। वेस्ट एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव इस अनुमान के पीछे मुख्य वजह हैं।

वैश्विक व्यापार में गिरावट का अनुमान

वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) के नवीनतम आउटलुक के अनुसार, वैश्विक मर्चेंडाइज ट्रेड वॉल्यूम ग्रोथ 2026 में घटकर 1.9% रह जाने का अनुमान है। यह 2025 में अनुमानित 4.6% की तुलना में एक बड़ी गिरावट है। इसी तरह, सर्विसेज ट्रेड ग्रोथ भी पिछले साल के 5.3% से घटकर 2026 में 4.8% रहने की उम्मीद है। 2025 में, वैश्विक वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार लगभग 4.7% बढ़ा था, जो विश्व जीडीपी ग्रोथ 2.9% से तेज था।

वेस्ट एशिया का संकट बना बड़ा कारण

इस अनुमान में कटौती का मुख्य कारण वेस्ट एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम हैं। क्षेत्र में अस्थिरता के कारण तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी रह सकती है, जिससे मर्चेंडाइज ट्रेड ग्रोथ 0.5% तक कम हो सकती है। सर्विसेज ट्रेड पर इसका असर और भी गंभीर होने की आशंका है, जो अंतरराष्ट्रीय परिवहन और यात्रा पर पड़ने वाले दबाव के चलते 0.7% तक कम हो सकता है।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यवधान ने बढ़ाई मुश्किलें

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यवधान एक गंभीर समस्या पैदा कर रहे हैं। संघर्ष तेज होने के बाद से इस प्रमुख जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही लगभग शून्य हो गई है, जो पहले करीब 138 जहाज प्रतिदिन थी। इस स्थिति से ऊर्जा की कीमतें बढ़ रही हैं और परिवहन व बीमा लागत भी बढ़ रही है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन में व्यापक इन्फ्लेशन का दबाव बढ़ रहा है। यह नाकाबंदी केवल ऊर्जा तक सीमित नहीं है, बल्कि गैर-ऊर्जा व्यापार जैसे उर्वरकों (fertilizers) को भी प्रभावित कर रही है, क्योंकि वैश्विक उर्वरक निर्यात का लगभग एक-तिहाई हिस्सा हॉर्मुज़ से गुजरता है। WTO चेतावनी देता है कि लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष से ईंधन और परिवहन की लागत स्थायी रूप से बढ़ सकती है, प्रमुख शिपिंग और हवाई मार्ग बाधित हो सकते हैं, और पर्यटन तथा वैश्विक यात्रा की मांग में भारी कमी आ सकती है। नतीजतन, वेस्ट एशिया के सर्विसेज एक्सपोर्ट में 2026 में 9.2% की कमी आने का अनुमान है, जिससे वैश्विक सर्विसेज एक्सपोर्ट ग्रोथ में 15.7% की कमी आएगी।

AI गुड्स से मिल सकती है थोड़ी राहत

इन चुनौतियों के बावजूद, रिपोर्ट में एक संभावित सकारात्मक पहलू पर प्रकाश डाला गया है: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) गुड्स में मजबूत व्यापार। इस क्षेत्र ने 2025 में व्यापार को काफी बढ़ावा दिया था, जिसने उच्च टैरिफ और व्यापार नीति की अनिश्चितता के प्रभाव को कम किया। यदि AI-संबंधित मांग जारी रहती है, तो यह अनुमानित मंदी को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता है, हालांकि समग्र अनिश्चितता बनी हुई है। WTO का आउटलुक बताता है कि भविष्य में व्यापार वृद्धि जीडीपी वृद्धि के साथ अधिक निकटता से संरेखित हो सकती है, जो एक कम गतिशील वैश्विक आर्थिक वातावरण का संकेत देता है।

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