आर्थिक प्रगति के आंकड़े
राज्य का ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GSDP) 2016-17 के ₹13.30 लाख करोड़ से बढ़कर 2024-25 में अनुमानित ₹30.25 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। यह 10.8% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ा है। इसी तरह, प्रति व्यक्ति आय भी ₹54,564 (2016-17) से बढ़कर ₹1,09,844 (2024-25) हो गई है, यानी दोगुनी। भारत की कुल GDP में UP का हिस्सा 8.6% से बढ़कर 9.1% हो गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट में हो रहे विकास के चलते ₹50 लाख करोड़ से ज्यादा के औद्योगिक निवेश प्रस्ताव आए हैं। मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में UP का योगदान करीब 55% और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स में 55-60% है।
राह में आने वाली रुकावटें
इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पाने के रास्ते में कई मुश्किलें हैं। देश की GDP ग्रोथ 2027 तक घटकर 6.6% रह सकती है, जिसकी वजह एनर्जी शॉक और बढ़ती महंगाई है। गिरता हुआ रुपया भी राज्य की ग्रोथ के लिए खतरा बन सकता है। UP की प्रति व्यक्ति आय अभी भी राष्ट्रीय औसत से काफी कम है, हालांकि यह गैप 2014-15 के 50.2% से घटकर 2024-25 में 53.5% हो गया है। राज्य का 18.4% राष्ट्रीय टूरिज्म ट्रैफिक आकर्षित करता है। $1 ट्रिलियन का लक्ष्य 2029-30 तक पाने के लिए लगातार डबल-डिजिट ग्रोथ की जरूरत होगी, जो हासिल करना मुश्किल रहा है। पिछले अनुमानों के मुताबिक, 2027 तक इस लक्ष्य के लिए 27.80% की नाममात्र ग्रोथ चाहिए थी।
असली चुनौतियां और आगे का रास्ता
UP की $1 ट्रिलियन इकोनॉमी बनने की राह में कई गंभीर चुनौतियां हैं। प्रति व्यक्ति आय का राष्ट्रीय औसत से बड़ा अंतर एक बड़ी समस्या है। राज्य के अंदर भी आर्थिक असमानता है, जहां पश्चिमी UP पूर्वी UP के मुकाबले ज्यादा रेवेन्यू और आय अर्जित करता है। भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर भी अपनी इंटरनल दिक्कतों से जूझ रहा है। इसके अलावा, राज्य की इकोनॉमी वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ावों के प्रति संवेदनशील है। 85-87% क्रूड ऑयल के इंपोर्ट पर भारत की निर्भरता अंतरराष्ट्रीय कीमतों के झटकों से इकोनॉमी को प्रभावित कर सकती है, जिससे महंगाई और फिस्कल डेफिसिट बढ़ सकता है। 2025-26 में राज्यों का कंसोलिडेटेड ग्रॉस फिस्कल डेफिसिट GDP का 3.3% रहने का अनुमान है, जिसमें सेंट्रल गवर्नमेंट ग्रांट में कमी और वेलफेयर खर्चों में बढ़ोतरी से और दबाव आ सकता है। UP की कुल इकोनॉमी बढ़ रही है, लेकिन अभी भी यह महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों से पीछे है।
