क्या थी कोर्ट की"The Supreme Court of the United States ने एक महत्वपूर्ण फैसले में अमेरिकी राष्ट्रपति की नई टैरिफ लगाने की शक्ति को सीमित कर दिया है। इस फैसले के कारण वैश्विक बाजारों में, विशेषकर भारतीय शेयर बाजार में, शुरुआती कारोबार में उछाल देखा गया। निवेशकों को उम्मीद थी कि यह व्यापार तनाव को कम करने में मदद करेगा।
हालांकि, यह राहत अल्पकालिक साबित हुई। राष्ट्रपति ट्रंप ने तुरंत एक अलग कानूनी रास्ते का इस्तेमाल करते हुए, एक ऐसी धारा के तहत, जो पहले कभी इस्तेमाल नहीं की गई थी, 15% तक के आयात शुल्क (tariffs) लगाने की घोषणा की। यह कदम अप्रत्याशित था और इसने वैश्विक व्यापार को लेकर अनिश्चितता को फिर से बढ़ा दिया है।