अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग ने बढ़ाया भरोसा
जनवरी 2026 में अमेरिका का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर 12 महीनों में पहली बार ग्रोथ की राह पर लौटा है। इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (ISM) का मैन्युफैक्चरिंग PMI 52.6 के स्तर पर जा पहुंचा, जो उम्मीदों से काफी बेहतर है। नए ऑर्डर्स में तेज उछाल ने इस ग्रोथ को और बल दिया। इस सकारात्मक आर्थिक डाटा ने वैश्विक निवेशकों का सेंटीमेंट सुधारा है, जिससे एशियाई बाज़ारों को सीधे तौर पर फायदा पहुंचा है। मैन्युफैक्चरिंग आउटलुक में सुधार से कंपनियों की कमाई के लिए बेहतर तस्वीर दिख रही है।
सोना-चांदी में भूचाल: क्या थी वजह?
इस रिकवरी के बीच कीमती धातुओं, सोना और चांदी में 2 फरवरी 2026 को एक बड़ी और अचानक गिरावट दर्ज की गई। यह बिकवाली रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद आई थी और इसका मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वॉर्श को फेडरल रिजर्व (Fed) का अगला चेयरमैन नॉमिनेट करना था। बाज़ार के जानकारों का मानना है कि वॉर्श का आक्रामक (hawkish) रुख सख्त मॉनेटरी पॉलिसी, मज़बूत डॉलर और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कम कर सकता है। इस गिरावट की वजह टेक्निकल फैक्टर जैसे मार्जिन कॉल्स और पैराबोलिक चढ़ाव के दौरान बनी हेवीली लेवरेज्ड पोजीशन का लिक्विडेशन भी रही। सेशन के अंत तक इन धातुओं ने कुछ नुकसान की भरपाई की, लेकिन यह घटना बाज़ार की मॉनेटरी पॉलिसी शिफ्ट के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है।
AI का दम और क्षेत्रीय हलचल
इस वोलेटाइल माहौल के बीच, एशियाई टेक्नोलॉजी शेयरों ने क्षेत्रीय इक्विटीज़ में खास रिकवरी का नेतृत्व किया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेवलपमेंट के हब माने जाने वाले दक्षिण कोरिया के बाज़ार ने बड़ी गिरावट के बाद मजबूती दिखाई, जिसने MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स को ऊपर ले जाने में मदद की।
अन्य क्षेत्रीय कारकों की बात करें तो, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) से 25-बेसिस पॉइंट की ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही थी। वहीं, अमेरिकी-भारत व्यापारिक संबंधों में सुधार की खबरें भी आईं, जिसमें भारत द्वारा रूसी तेल खरीदना बंद करने के बाद टैरिफ में संभावित कमी का जिक्र था। AI इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग एक बड़ा थीम बनी रही, जिसमें Oracle जैसी कंपनियां क्लाउड कैपेसिटी बढ़ाने के लिए बड़ी फाइनेंसिंग कर रही हैं, और Palantir Technologies Inc. ने मज़बूत सेल्स आउटलुक का संकेत दिया है।