मैन्युफैक्चरिंग में तेज़ी, सेवाओं में गिरावट
मई के महीने में अमेरिका की इकोनॉमी ने दो अलग-अलग चेहरे दिखाए। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर 48 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जबकि सर्विसेज सेक्टर में गिरावट दर्ज की गई। यह बड़ा अंतर बताता है कि कैसे फैक्ट्रियों में री-स्टॉकिंग और प्रोडक्शन के कारण तेज़ी आई, वहीं सर्विस सेक्टर बढ़ती लागत और कम होती डिमांड से जूझ रहा है।
मैन्युफैक्चरिंग उत्पादन में तेज़ी
यूएस मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) मई में बढ़कर 55.3 हो गया, जो मई 2022 के बाद सबसे ज़्यादा है। पिछले दो सालों में यह सबसे तेज़ आउटपुट ग्रोथ और जून 2025 के बाद सबसे ज़्यादा नौकरी देने वाला महीना रहा। नए ऑर्डर्स में भी मज़बूत बढ़ोतरी हुई। बिज़नेस आने वाले समय में कीमतों में संभावित बढ़ोतरी और सप्लाई चेन की दिक्कतों को देखते हुए अपने इन्वेंट्री बढ़ा रहे हैं। सप्लायर डिलीवरी का समय काफी लंबा हो गया है, जो अगस्त 2022 के बाद पहली बार इतना बढ़ा है।
बढ़ती लागत के बीच सर्विसेज सेक्टर फिसला
इसके विपरीत, सर्विसेज सेक्टर का बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स मई में घटकर 50.9 पर आ गया, जो पिछले दो महीनों का सबसे निचला स्तर है। इसी वजह से, कुल यूएस कंपोजिट PMI 51.7 पर स्थिर रहा, जो प्राइवेट सेक्टर के मिले-जुले प्रदर्शन को दर्शाता है। सर्विस प्रोवाइडर्स ने एक साल में सबसे तेज़ गति से इनपुट लागत में बढ़ोतरी देखी, जिसके चलते उन्होंने अपनी सेलिंग प्राइस भी बढ़ा दी। नए प्रोजेक्ट्स की डिमांड में कमी के कारण मई 2020 के बाद सबसे तेज़ गति से नौकरियों में कटौती की गई। साथ ही, इस सेक्टर में बिज़नेस का भरोसा भी एक साल के निचले स्तर पर चला गया।
मध्य पूर्व संघर्ष का आर्थिक बोझ
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष आर्थिक मांग और लागत पर गहरा असर डाल रहा है। एक्सपोर्ट बिक्री को नुकसान हुआ है, जबकि युद्ध से जुड़ी सप्लाई की दिक्कतें और बढ़ी हुई एनर्जी की कीमतें इनपुट कॉस्ट इन्फ्लेशन को और बढ़ा रही हैं। S&P ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस के चीफ बिजनेस इकोनॉमिस्ट, क्रिस विलियमसन ने इस संघर्ष के प्रभाव को काफी गंभीर बताया है।
