भू-राजनीतिक तनाव का असर
अमेरिका और ईरान के बीच की बयानबाजी से ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट्स में सतर्कता छाई हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने हॉरमुज़ जलडमरूमध्य में तनाव कम करने के लिए एक नया प्रस्ताव दिया है, जो संघर्ष समाप्त होने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटने पर निर्भर है। अमेरिकी प्रशासन का इस पर क्या रुख रहेगा, खासकर संभावित प्रतिबंधों में ढील को लेकर, यह अभी अनिश्चित है, जिस कारण निवेशक इंतज़ार कर रहे हैं।
भारतीय बाज़ार तैयार, पर सतर्क
भारतीय इक्विटी मार्केट्स (Equity Markets) एक सुस्त शुरुआत के लिए तैयार दिख रहे हैं, क्योंकि GIFT Nifty फ्यूचर्स (Futures) ने फ्लैट ओपनिंग का इशारा दिया है। यह सोमवार के मिले-जुले ट्रेडिंग सेशन के बाद है, जिसमें NSE Nifty 50 तो ऊपरी स्तर पर बंद हुआ, लेकिन BSE Sensex में गिरावट आई। यह मिले-जुले संकेत बताते हैं कि भू-राजनीतिक जोखिमों और डोमेस्टिक फाइनेंशियल फ्लोज़ को तौलते हुए निवेशक सतर्क हैं। डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने ₹3,871.11 करोड़ की जोरदार खरीदारी की, जिसने फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) की बिकवाली का असर कम किया। FIIs ने 27 अप्रैल 2026 को ₹944.47 करोड़ के शेयर नेट बेचे।
कमोडिटी और करेंसी पर नज़र
कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी देखी गई। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) फ्यूचर्स 0.70% चढ़कर $97.05 प्रति बैरल पर पहुंच गए, जबकि ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.44% बढ़कर $108.70 पर कारोबार कर रहे थे। तेल की कीमतों में यह वृद्धि, जो महंगाई का एक प्रमुख इंडिकेटर (Indicator) है, मार्केट्स के लिए एक और जटिलता बढ़ाती है। सोने की कीमतों में मामूली गिरावट आई, जो ₹1,51,870 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले दिन से 0.6% कम है। भारतीय बाज़ारों में चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई, हालांकि COMEX सिल्वर फ्यूचर्स में बढ़ोतरी देखी गई। US डॉलर इंडेक्स (Index) में हल्की बढ़त हुई, जबकि भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले थोड़ा मजबूत हुआ।
सेक्टरों में हलचल
सोमवार को, नॉन-अल्कोहलिक बेवरेजेज़ (Beverages – Non-Alcoholic) सेक्टर ने सबसे ज़्यादा लाभ दर्ज किया, जिसमें मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Capitalization) 5.8% बढ़ा। मेटल्स – नॉन-फेरस (Metals – Non Ferrous), कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (Consumer Durables), और डायग्नोस्टिक्स (Diagnostics) जैसे अन्य सेक्टरों ने भी सकारात्मक प्रदर्शन किया। इसके विपरीत, स्मॉल फाइनेंस (Small Finance) सेक्टर के शेयरों पर दबाव देखा गया, जो 0.8% गिरा। बिजनेस ग्रुप्स में, फ्यूचर ग्रुप (Future Group) का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 5.8% बढ़ा, जिसमें Praxis Home Retail के शेयरों में 10% की तेज़ी का योगदान रहा। वहीं, श्रीराम ग्रुप (Shriram Group) के मार्केट कैप में गिरावट आई।
