US-Canada Trade War: अमेरिकी इंपोर्ट पर लगा **50%** टैरिफ, बढ़ेंगी टेंशन!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
US-Canada Trade War: अमेरिकी इंपोर्ट पर लगा **50%** टैरिफ, बढ़ेंगी टेंशन!

अमेरिका ने कनाडा के सामानों पर **50%** टैरिफ लगा दिया है। यह कदम ट्रेड वॉर को बढ़ा सकता है और सीमेंट, वाइन, डेयरी जैसे सेक्टरों की सप्लाई चेन पर असर डाल सकता है।

Detailed Coverage

अमेरिका का कड़ा कदम

अमेरिका प्रशासन ने नॉर्थ अमेरिकन ट्रेड पॉलिसी में बड़ा बदलाव करते हुए कनाडा से आने वाले कई प्रोडक्ट्स पर 50% का टैरिफ (Tariff) लगा दिया है। यह नियम अगले 30 दिनों में लागू होगा और यह 1930 के टैरिफ एक्ट के सेक्शन 338 के तहत लगाया गया है। यह कानून करीब 100 साल से इस्तेमाल नहीं हुआ था और प्रेसिडेंट को यह ताकत देता है कि वो उन देशों पर जवाबी ड्यूटी लगा सकें जो अमेरिकी सामानों के साथ भेदभाव करते हैं।

किन सेक्टर्स पर पड़ेगा असर?

इस नए टैरिफ का असर वाइन, सीमेंट, डेयरी प्रोडक्ट्स, फर्नीचर, कपड़े और आइस हॉकी जैसे सामानों पर पड़ेगा। हालांकि, एनर्जी प्रोडक्ट्स, क्रिटिकल मिनरल्स, पोटाश और मछली जैसे कुछ जरूरी सामानों को इससे छूट दी गई है। यह कदम कनाडा की डेयरी सप्लाई मैनेजमेंट सिस्टम, अमेरिकी ऑटो इंपोर्ट पर कोटा और अमेरिकी शराब की बिक्री से जुड़े नियमों को निशाना बना रहा है।

बढ़ी ट्रेड टेंशन और कूटनीतिक टकराव

कनाडा के अधिकारियों ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि उनकी सरकार ने ट्रेड डिस्प्यूट्स को सुलझाने के लिए प्रस्ताव दिए थे और यह टैरिफ USMCA ट्रेड समझौते के तहत किए गए वादों के खिलाफ है। ट्रेड एनालिस्ट्स (Trade Analysts) इस कदम को असामान्य मान रहे हैं। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि 1930 के दशक के इस कानून का इस्तेमाल करने से 'मोस्ट-फेवर्ड-नेशन' (Most-Favored-Nation) सिद्धांत कमजोर हो सकता है और यह WWII से पहले के प्रोटेक्शनिस्ट (Protectionist) उपायों की तरह वैश्विक बाजारों में अस्थिरता ला सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता बढ़ी हुई लागत और मार्केट की वोलेटिलिटी (Volatility) है। हालांकि जरूरी कमोडिटी और एनर्जी सेक्टर सुरक्षित हैं, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर जो क्रॉस-बॉर्डर सप्लाई चेन पर निर्भर हैं, उन्हें अपने प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव झेलना पड़ सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि क्या कनाडा जवाबी टैरिफ लगाता है और ये ट्रेड फ्रिक्शन (Trade Friction) दोनों देशों के बीच भविष्य की बातचीत को कैसे प्रभावित करते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.