US का बड़ा कदम: ब्राजील के इन एक्सपोर्ट्स पर अब लगेगा **25%** टैरिफ!

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AuthorAditya Rao|Published at:
US का बड़ा कदम: ब्राजील के इन एक्सपोर्ट्स पर अब लगेगा **25%** टैरिफ!

अमेरिका ने ब्राजील के करीब **$7 अरब** के एक्सपोर्ट्स पर **25%** टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह कदम **22 जुलाई** से लागू होगा और इसका मुख्य कारण अनुचित व्यापार प्रथाओं को बताया जा रहा है। इस फैसले से लकड़ी (timber), मशीनरी और फर्नीचर जैसे सेक्टर प्रभावित होंगे, हालांकि कॉफी और बीफ जैसी ज़रूरी चीज़ों को इससे बाहर रखा गया है।

क्यों लगाया गया यह टैरिफ?

अमेरिकी सरकार ने ब्राजील से आने वाले सामान के एक बड़े हिस्से पर 25% का टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जिसकी कुल कीमत लगभग $7 अरब है। यह कदम 22 जुलाई से प्रभावी होगा। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) कार्यालय की जांच में पाया गया कि ब्राजील की कुछ व्यापार नीतियां अमेरिकी व्यवसायों के लिए नुकसानदायक थीं। इसमें भ्रष्टाचार-विरोधी उपायों से लेकर अमेरिकी सामानों पर मौजूदा टैरिफ जैसी समस्याएं शामिल थीं।

किन सेक्टरों पर पड़ेगा असर?

इस नए टैरिफ से मुख्य रूप से टिंबर, मशीनरी, फर्नीचर और फुटवियर इंडस्ट्री प्रभावित होंगी। इन सेक्टरों के उत्पादों के अमेरिकी खरीदारों के लिए महंगा होने की उम्मीद है, जिससे निर्यात में कमी आ सकती है। दूसरी ओर, USTR ने कॉफी, बीफ, संतरे, संतरे का जूस, कुछ तेल और गैस उत्पाद, और एयरोस्पेस कंपोनेंट्स जैसे कई महत्वपूर्ण सामानों को इन टैरिफ से बाहर रखा है। ऐसा करके अमेरिका अपनी घरेलू सप्लाई चेन को सुरक्षित रखना चाहता है, जहां ये उत्पाद आवश्यक हैं या पर्याप्त मात्रा में स्थानीय स्तर पर उत्पादित नहीं होते।

ब्राजील की प्रतिक्रिया और व्यापारिक तनाव

ब्राजील के अधिकारियों ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। व्यापार मंत्री मार्शियो फर्नांडो एलियास रोजा ने इन टैरिफ को एकतरफा और अनुचित बताया है। ब्राजील सरकार घरेलू कंपनियों को संभावित वित्तीय दबाव से निपटने में मदद करने के लिए सहायता पैकेज तैयार कर रही है। इसके अलावा, दोनों देश विदेशी दुर्लभ पृथ्वी खनिज (rare earth minerals) क्षेत्र में निवेश को प्रतिबंधित करने के अमेरिकी प्रस्ताव जैसे व्यापक आर्थिक नीतियों पर भी असहमत हैं, जिसे ब्राजील ने अपनी संप्रभु निवेश नीतियों के प्रबंधन के अपने अधिकार का हवाला देते हुए अस्वीकार कर दिया है।

निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें

यह प्रतिबंध 'ट्रेड एक्ट ऑफ 1974' की धारा 301 के तहत लगाया गया है। निवेशकों को भविष्य के घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, खासकर यह देखने के लिए कि क्या यह तनाव जवाबी उपायों की ओर ले जाता है या बातचीत का रास्ता खुला रहता है। भारतीय निवेशकों के लिए, यह स्थिति वैश्विक व्यापार संबंधों की नाजुकता की याद दिलाती है, जो अक्सर आपस में जुड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमोडिटी की कीमतों और निर्माण लागत में अचानक बदलाव ला सकती है। निर्यात डेटा पर इन टैरिफ के वास्तविक प्रभाव और यह देखने के लिए कि क्या सरकार द्वारा वादे के अनुसार सहायता उपाय प्रभावित उद्योगों पर दबाव को प्रभावी ढंग से कम करते हैं, यह अगली महत्वपूर्ण जानकारी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.