Reliance Power पर दिवालियापन का खतरा! US Exim Bank ने ठोका $165M के कर्ज का केस

ECONOMY
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Reliance Power पर दिवालियापन का खतरा! US Exim Bank ने ठोका $165M के कर्ज का केस
Overview

अमेरिका के एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक (US Exim Bank) ने Reliance Power Ltd. के खिलाफ भारत की दिवालियापन अदालत में अर्जी दायर की है। बैंक का आरोप है कि Reliance Power की सब्सिडियरी Samalkot Power Ltd. पर **$165.41 मिलियन** का कर्ज है, जिसे चुकाया नहीं गया है, जबकि पैरेंट कंपनी ने इसकी गारंटी दी थी। Reliance Power का कहना है कि यह कर्ज अभी देय (due) नहीं है और वे इस फाइलिंग का पुरजोर विरोध करेंगे।

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US Exim Bank ने दायर की दिवालियापन की अर्जी

अमेरिका का एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक (US Exim Bank) अब Reliance Power Ltd. के पीछे पड़ गया है। बैंक ने भारत में कंपनी के खिलाफ इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत दिवालियापन की कार्यवाही शुरू करने के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में अर्जी दी है। US Exim Bank का दावा है कि Reliance Power की सब्सिडियरी Samalkot Power Ltd. ने $165.41 मिलियन का भुगतान नहीं किया है, और Reliance Power ने इस कर्ज की गारंटी दी थी। अगर NCLT को कर्ज और डिफॉल्ट साबित होता है, तो यह केस स्वीकार किया जा सकता है।

Reliance Power का विवाद और आर्बिट्रेशन

Reliance Power इस दिवालियापन की अर्जी को पूरी तरह से खारिज कर रही है। कंपनी का कहना है कि यह अर्जी मान्य नहीं है और वे इसका मजबूती से सामना करेंगे। कंपनी का मुख्य तर्क यह है कि यह कर्ज फिलहाल देय (due) ही नहीं है। इस पूरे विवाद को लंदन कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन (LCIA) में सुलझाया जा रहा है। Samalkot Power Ltd. ने पहले ही 29 जून, 2025 को US Exim Bank और सिटीबैंक N.A. के खिलाफ आर्बिट्रेशन केस दायर किया था। Reliance Power ने जुलाई 2025 में भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों को भी इस आर्बिट्रेशन की जानकारी दी थी।

ग्रुप की चिंताओं के बीच शेयर में गिरावट

Reliance Power के शेयर इस खबर से पहले ही दबाव में थे। पिछले एक साल में ये 27% गिर चुके हैं, जबकि इस साल अब तक 16% की गिरावट आई है। बुधवार को कंपनी द्वारा दिवालियापन अर्जी की आधिकारिक घोषणा से पहले ही शेयर NSE पर 1.9% टूट गया था। इन सबके बीच, अनिल अंबानी ग्रुप की अन्य कंपनियों की बैंक धोखाधड़ी और फंड डायवर्जन को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की जांच भी ग्रुप की वित्तीय स्थिति पर सवाल खड़े कर रही है। 28 अप्रैल, 2026 तक Reliance Power का मार्केट कैप करीब ₹12,171.66 करोड़ था।

कर्ज, लीवरेज और सेक्टर की चिंताएं

Reliance Power की वित्तीय संरचना, खासकर सब्सिडियरी गारंटी के साथ आने वाला कर्ज, जोखिम भरा है। कंपनी ने कर्ज कम करने पर काम किया था और जून 2024 तक स्टैंडअलोन आधार पर कर्ज-मुक्त हो गई थी। हालांकि, US Exim Bank का $165.41 मिलियन का यह मामला बताता है कि लीवरेज (कर्ज का बोझ) अभी भी एक मुद्दा है। कंपनी ने इससे पहले विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर से संबंधित ₹3,872 करोड़ का भुगतान भी निपटाया था। Reliance Power का P/E रेश्यो अप्रैल 2026 तक अस्थिर रहा है, जो -128.57 से लेकर 42.4 या 56.8 (TTM) तक रहा है। रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) भी 0% या -1.08% दर्ज किया गया है, जो लाभप्रदता (profitability) की समस्या को दर्शाता है। भारतीय पावर सेक्टर में, जहां क्रेडिट मेट्रिक्स सुधर रहे हैं, पुरानी थर्मल पावर प्लांट वाली या जटिल कर्ज वाली कंपनियां अभी भी कमजोर हैं।

आउटलुक और एनालिस्ट की राय

Reliance Power की कमाई में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण पारंपरिक वैल्यूएशन मेट्रिक्स का आकलन करना मुश्किल हो रहा है। एनालिस्ट्स की राय, टेक्निकल इंडिकेटर्स के आधार पर, ज्यादातर 'Sell' की ओर इशारा कर रही है, जो सावधानी बरतने का संकेत है। कुछ विश्लेषण 'Hold/Accumulate' की सलाह देते हैं, जबकि अन्य शेयर की अस्थिरता के कारण उच्च जोखिम की चेतावनी दे रहे हैं। औसत एनालिस्ट टारगेट प्राइस लगभग ₹37.00 है, जो मौजूदा स्तरों से संभावित उछाल का संकेत देता है। कंपनी पावर प्रोजेक्ट्स के विकास और संचालन पर ध्यान केंद्रित कर रही है, लेकिन इन वित्तीय चुनौतियों से पार पाना महत्वपूर्ण होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.