इकोनॉमी का 'स्प्लिट' सीन: AI बूम पर, आम उपभोक्ता परेशान
अमेरिका की नई इकोनॉमिक रिपोर्ट एक हैरान करने वाली तस्वीर पेश कर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे टेक्नोलॉजी सेक्टर में जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिल रही है, जिसने Nasdaq जैसे इंडेक्स को इस साल 20% से ज्यादा की उछाल दी है। इसके बिल्कुल विपरीत, मध्यम और निम्न आय वर्ग के घरानों को लगातार बढ़ती महंगाई और महंगे एनर्जी प्राइसेस (Energy Prices) का सामना करना पड़ रहा है। यह 'स्प्लिट-स्क्रीन इकोनॉमी' (Split-Screen Economy) पॉलिसीमेकर्स और निवेशकों के लिए एक जटिल पहेली बन गई है।
महंगाई बढ़ी, ग्रोथ धीमी
मार्च महीने में अमेरिका में महंगाई में इजाफा हुआ। कोर पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स (PCE) प्राइस इंडेक्स 0.3% बढ़कर 3.2% के एनुअल रेट पर पहुंच गया, जो नवंबर 2023 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, फूड और एनर्जी को मिलाकर कुल महंगाई 0.7% बढ़कर 3.5% ईयर-ऑन- ईयर रही। एनर्जी की कीमतों में 11.6% का भारी उछाल आया, जिसका मुख्य कारण ग्लोबल सप्लाई इश्यूज और जियोपॉलिटिकल टेंशन रहे। दूसरी ओर, अमेरिका के ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) में पहली तिमाही में 2.0% की एनुअल रेट से ग्रोथ दर्ज की गई, जो पिछली तिमाही से थोड़ी ज्यादा है, लेकिन अनुमानों से कम है। कंज्यूमर स्पेंडिंग (Consumer Spending), जो ग्रोथ का अहम इंजन है, मात्र 1.6% बढ़ी, जबकि गुड्स पर खर्च 0.1% गिर गया। हालांकि, गवर्नमेंट स्पेंडिंग (Government Spending) में 4.4% की वृद्धि ने कुछ सहारा दिया।
मजबूत लेबर मार्केट ने बढ़ाई फेड की चिंता
अमेरिका का लेबर मार्केट (Labor Market) लगातार मजबूत बना हुआ है। अप्रैल के आखिर हफ्ते में शुरुआती जॉबलेस क्लेम्स (Jobless Claims) घटकर 189,000 पर आ गए, जो सितंबर 1969 के बाद सबसे निचला स्तर है। यह दिखाता है कि कंपनियां इकोनॉमिक एक्टिविटी धीमी होने और महंगाई के बावजूद कर्मचारियों को बनाए हुए हैं। इस मजबूती ने फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) को मुश्किल में डाल दिया है। हाल ही में फेड ने इंटरेस्ट रेट्स (Interest Rates) में कोई बदलाव नहीं किया था, लेकिन मार्च की मीटिंग के मिनट्स से पता चला कि वे बढ़ती महंगाई और भविष्य की पॉलिसी को लेकर चिंतित हैं। कुछ अधिकारियों का मानना है कि मजबूत जॉब मार्केट को देखते हुए रेट्स को लंबे समय तक ऊंचा रखना पड़ सकता है। हालांकि, यह लेबर मार्केट की मजबूती आम उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत नहीं दे पा रही है।
इकोनॉमिक रिस्क और चिंताएं
AI जैसे सेक्टरों के चमकने के बावजूद, व्यापक इकोनॉमिक आउटलुक (Economic Outlook) कई जोखिमों से भरा है। एनर्जी की कीमतों और सर्विस सेक्टर की लगातार बढ़ती लागत से प्रेरित जिद्दी महंगाई फेडरल रिजर्व को इंटरेस्ट रेट्स को लंबे समय तक ऊंचा रखने पर मजबूर कर सकती है, जिससे इकोनॉमिक स्लोडाउन (Economic Slowdown) का खतरा बढ़ सकता है। अमेरिका की महंगाई यूरोपीय यूनियन (EU) के 2.5% (मार्च) की तुलना में ज्यादा और व्यापक है, जो लोगों की परचेजिंग पावर को सीधे प्रभावित कर रही है। इकोनॉमी का यह विभाजन कंज्यूमर डेट और खर्च के भविष्य को लेकर भी चिंताएं पैदा करता है, खासकर उन परिवारों के लिए जो टेक बूम से लाभान्वित नहीं हो रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से, ऊंची महंगाई और धीमी ग्रोथ का कॉम्बिनेशन अक्सर मार्केट में गिरावट और ज्यादा वोलेटिलिटी (Volatility) की ओर ले जाता है। टाइट लेबर मार्केट, हालांकि सकारात्मक है, अगर मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) से नियंत्रित न हो तो वेतन और कीमतों को और बढ़ा सकता है। जियोपॉलिटिकल अस्थिरता भी एनर्जी प्राइसेस और सप्लाई चेन्स (Supply Chains) के लिए एक बड़ा जोखिम बनी हुई है, जो इकोनॉमिक माहौल को अप्रत्याशित बना रही है।
इकोनॉमिक आउटलुक
विश्लेषकों के बीच निकट भविष्य के इकोनॉमिक पथ को लेकर मिले-जुले विचार हैं। फेड के सामने स्टेबल प्राइसेस और मैक्सिमम एम्प्लॉयमेंट के लक्ष्यों को संतुलित करने की चुनौती है। मौजूदा डेटा एक निरंतर संतुलन का कार्य दिखा रहा है: महंगाई का दबाव और धीमी ग्रोथ के लिए कंज्यूमर बिहेवियर (Consumer Behavior) और जॉब्स की बारीकी से निगरानी की आवश्यकता है। फेडरल रिजर्व के अगले कदम संभवतः भविष्य की महंगाई रिपोर्टों और उनके इस आकलन पर निर्भर करेंगे कि क्या मजबूत लेबर मार्केट बढ़ती लागतों को बिना अधिक महंगाई भड़काए संभाल सकता है।
